पटना। नववर्ष के जश्न और आयोजनों में शराब नहीं पहुंच सके, इसके लिए रेल पुलिस ने भी कमर कस ली है। शराब की तस्करी के लिए ट्रेन सबसे सुरक्षित माध्यम मानी जाती है। खासकर बिहार से होकर गुजरने वाली दूसरे राज्यों की ट्रेनों से तस्करी की जा रही है। तस्करों को दबोचने और शराब जब्त करने के लिए रेल अधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने क्षेत्र के सभी थानों की पुलिस को चौकन्ना रहने का निर्देश दिया है।

बताते चलें कि शराबबंदी के बाद ट्रेनों से लगातार शराब की खेप पकड़ी गई है। कई ऐसे लोग भी गिरफ्तार हुए हैं, जो दूसरे राज्यों से खुद के सेवन के लिए शराब ला रहे थे। पूर्व की कार्रवाई से सबक लेकर रेल पुलिस चौकस है। रेल जिले के सभी थानों को दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेनों की तलाशी लेने का निर्देश दिया गया है। संदिग्ध के सामान की जांच करने के बाद ही उन्हें मुक्त किया जाए। रेल एसपी ने गाड़ियों की सामान्य बोगियों में लावारिस हालत में रखे बैग और झोले पर भी नजर रखने को कहा है, क्योंकि तस्कर इसी तरह उनमें शराब रखकर ले आते हैं। वहीं, ट्रेनों की स्कॉर्ट पार्टी को रेल कर्मियों और कोच अटेंडेंट की गतिविधियों पर भी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि पूर्व में शराब तस्करी के आरोप में रेलकर्मी और कोच अटेंडेंट तक पकड़े जा चुके हैं। दो ट्रेनों से शराब की खेप जब्त

पटना। पटना जंक्शन पर ट्रेनों की नियमित चेकिंग के दौरान रेल पुलिस ने विदेशी शराब की बड़ी खेप पकड़ी। विभूति एक्सप्रेस से शराब तस्करी करने के आरोप में समस्तीपुर के पूसा निवासी मो. नौशाद को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 22 बोतल और 10 टेट्रा पैक विदेशी शराब जब्त की गई। वहीं, बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस की जनरल बोगी से लावारिस बैग बरामद हुआ, जिसमें विदेशी शराब की 203 टेट्रा पैक मिली। हालांकि तस्कर गिरफ्त में नहीं आ सका।

Posted By: Jagran

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