पटना [अमित आलोक]। बिहार के मुंगेर में तीन साल की सना 110 फीट गहरे बोरवेल में जिंदगी के लिए मौत से जूझ रही थी। ऊपर पूरा देश उसकी जिंदगी के लिए दुआएं कर रहा था। खास बात यह भी कि सना की जिंदगी बचाने में वे मजदूर भी जुटे रहे, जो मौत के बाद कब्र खोदते हैं। उधर, डॉक्‍टरों को उम्‍मीद है कि लोगाें की दुआओं व अपने प्रयासों के बल पर वे मासूम की जिंदगी बचा लेंगे। जिंदगी की इस जंग में सना को भी मम्‍मी-पापा पर भरोसा है। सना को अब गड्ढ़े से बाहर निकाल कर अस्‍पताल पहुंचाया जा रहा है।
लगातार चला बचाव कार्य
मंगलवार की शाम करीब तीन बजे मुंगेर के मुर्गियाचक मोहल्ले में अचानक भगदड़ मच गई। लोगों के पैर उस बोरवेल की तरफ मुड़ गए, जिसमें तीन साल की सना खेलते-खेलते गिर गई थी। अंदर से आती 'पापा-पापा' की आवाज और बाहर की आपाधापी के बीच समय बीतता जा रहा था।

लेकिन, प्रशासन ने तत्‍परता दिखाई। व्‍यवधानों के बीच बोरवेल के समानान्‍तर चैनल बनाने का काम शरू हुआ। बच्‍ची को ऑक्‍सीजन देने की व्‍यवस्‍था की गई। बारिश ने व्‍यवधान डाला, लेकिन काम जारी रहा। बुधवार की देर रात आखिरकार सना को बाहर निकाल ही लिया गया।
जिंदगी की जंग में सहायक बने कब्र खोदने वाले मजदूर
बचाव कार्य में प्रशासन ने उन मजदूरों को भी लगाया जो कब्र खोदते हैं। ये मजदूर गड्ढ़े खोदने में माहिर होते हैं। लेकिन अभी तक मौत के बाद कब्र खोदते रहे हाथ आज जिंदगी के लिए काम में जुटे रहे। वे एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के साथ मिलकर काम में जुटे रहे।
अंदर से आ रही 'पापा-पापा' की आवाज
सीसीटीवी फुटेज में पता चला कि मासूम सना 35 फीट की गहराई में बोरिंग के लिए डाले गए प्लास्टिक के पाइप में फंसी थी। फुटेज में उसके हिलते हाथ दिख रहे थे। गिरने के बाद से बच्‍ची पापा-पापा की रट लगाए हुए थी। उसके 'पापा बचा लो' की कराहती आवाज से माहौल गमगीन हो जा रहा था।
वह मुंगेर के पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत पापा नचिकेता के साथ ही दो दिन पहले नाना उमेश नंदन साह के घर आई थी। ननिहाल में ही पड़ोसी उदय शंकर प्रसाद के घर हो रहे बोरिंग के लिए खोद गए बोरवेल में गिर गई। नचिकेता मुंगेर के ही दलहट्टा इलाके में रहते हैं।
मां दे रही ढ़ाढ़स: यह तो लुकाछिपी का खेल
बाेरवेल के बगल में सेना की मदद से खुदाई की गई। इस बीच बच्‍ची अंदर से माता-पिता से कराहती आवाज में बात कर रही थी। उसकी हरकतों से लग रहा था कि वह जिंदगी की अपनी जंग जरूर जीतेगी। मां सुधा रह-रहकर बोरवेक के अंदर झांककर बेटी से बात करने की कोशिश कर रहीं थीं। उसे यह कहकर ढ़ाढ़स दे रहीं थीं कि लुकाछिपी के खेल में वह छिप गई है और लोग उसे खोज रहे हैं। मां से बच्‍ची ने भूखी होने की भी बात कही। इसके बाद उसके लिए चॉकलेट गिराए गए।
बच्‍ची के लिए जगह-जगह दुआएं, पूजा-हवन
बच्‍ची की जिंदगी के लिए उसके स्‍कूल नोट्रेडेम एकेडमी के विद्यार्थी दुआएं करते रहे। उसके लिए मुंगेर ही नहीं पूरे देश में दुआएं की गईं। पटना में बच्ची की सलामती के लिए हवन-पूजा की गई। पटना के डीएवी पब्लिक स्‍कूल के बच्चों ने भी बच्‍ची की सलामती के लिए गायत्री मंत्र का पाठ किया। उधर, बाबा नगरी पूजा करने गए लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने भी बच्‍ची की जिंदगी के लिए प्रार्थना की।
डॉक्‍टरों बोले: बस कुछ ठीक, बहादुर है मासूम
अंतत: बच्‍ची को बाहर निकाल लिया गया है। मौके पर मौजूद डॉक्‍टरों को भी उम्‍मीद है कि सब कुछ ठीक रहेगा। वहां तैनात डॉ. राकेश कुमार सिन्‍हा व डॉ. फैज के अनुसार बच्‍ची बहादुर है। बचाव दल उसे लेकर बोरवेल से निकल रही है। विश्‍वास है कि उसे उसे बचा लिया जाएगा।

Posted By: Amit Alok

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस