पटना, जेएनएन। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों की तैयारी चल रही है। इसी बीच एनडीए में तो मामला ठीक लग रहा है, लेकिन विपक्षी महागठबंधन में खींच-तान जारी है। इस बीच राजद-कांग्रेस के बिना अन्य छोटे दलों की राजनीतिक खिचड़ी कभी पटना में तो कभी दिल्ली में पक रही है। इस खिचड़ी में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की भी सहभागिता की बात कही जा रही है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कहा जा रहा है कि वो इस खिचड़ी का हिस्सा नहीं होंगे।

जानकारी के मुताबिक गुरुवार को दिल्ली के पांच सितारा होटल में जदयू के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शरद यादव ने प्रशांत किशोर से मुलाकात की। इस दौरान रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और वीआईपी के नेता मुकेश सहनी की भी मौजूदगी रही। कहा जा रहा है कि सबने प्रशांत किशोर से मुलाकात कर गैर एनडीए दलों को एक साथ आने में पहल करने की बात कही है।

महागठबंधन के नेताओं के साथ हुई बैठक में प्रशांत किशोर ने इन नेताओं से कहा कि अगर वे लोग उनसे जुड़ना चाहते हैं, तो जुड़ सकते हैं। उन्होंने तीनों नेताओं से यह भी कहा कि वे बिहार की बेहतरी के लिए काम करेंगे और फिलहाल कोई पार्टी बनाने नहीं जा रहे हैं। 

इसके बाद आज दिल्ली में शरद यादव के साथ हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा यानी हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी, रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और वीआइपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने अहम बैठक की। बैठक में महागठबंधन की एकता पर बात की गई।

बता दें कि प्रशांत किशोर ने पहले ही कह दिया है कि वो किसी राजनीतिक दल का ना तो हिस्सा बनेंगे ना ही किसी की जीत-हार तय करेंगे। अब बस वो बिहार के विकास की बात करेंगे। गुरुवार से प्रशांत किशोर का कार्यक्रम बिहार की बात शुरू हो गया है, जिसमें काफी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। एेसे में लगता नहीं कि प्रशांत किशोर महागठबंधन की बात मानेंगे।

 

Posted By: Kajal Kumari

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