पटना, राज्य ब्यूरो। ओला और उबर जैसी प्रसिद्ध टैक्सी एजेंसियों को सरकार के बनाए प्रावधानों के अंतर्गत काम करना होगा। परिवहन विभाग ने नियमावली तैयार कर अधिसूचना जारी कर दी है। जनता से बिहार टैक्सी एग्रीगेटर परिचालन नियमावली-2018 पर एक महीने के अंदर आपत्तियां मांगी है। 30 दिनों बाद अधिसूचना प्रभावी हो जाएगी।

परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने कहा कि इस पहल से जनता को एक क्लिक पर अधिकृत एजेंसियों की कार व बाइक की सेवा उपलब्ध होगी।

दरअसल, वर्तमान में ओला, उबर और ऐसी ही दूसरी कैब सेवा काम तो कर रही है, मगर उन पर सरकार का अंकुश नहीं है। ऐसे में लोग इन एजेंसियों की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। अब परिवहन विभाग अपने नियंत्रण में सेवा उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को कई सुविधाएं प्रदान करेगा। अब एजेंसियों को परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना होगा। 

महत्वपूर्ण यह है कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों की तर्ज पर पटना में भी कार और बाइक टैक्सी सर्विस शुरू हो जाएगी। सेवा का लाभ उठाने के लिए आपको सबसे पहले प्ले स्टोर में जाकर एप डाउनलोड करना होगा। उसके बाद वहां अपना नाम और नंबर देकर खुद को रजिस्टर्ड कराना होगा।

इसके बाद आप राइड बुक कर सकते हैं। ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार की इस पहल से बेरोजगारों को फुल और पार्ट टाइम नौकरी भी उपलब्ध हो जाएगी।

ये होंगी मुख्य शर्तें

मोबाइल एप के जरिए टैक्सी या कैब की सुविधा देने वाली एजेंसियों के लिए शर्तें तय कर दी गई है। इसमें ऐसी एजेंसियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके पास छोटे वाहन अधिक हैं। फोन करने पर तत्काल सेवा मुहैया कराए।

स्थानीय ऑपरेटर को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि गड़बड़ी की स्थिति में आसानी उसकी पहचान की जाए। 50 से अधिक टैक्सी वाली एजेंसियों को प्राथमिकता मिलेगी। टैक्सियों में जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। वाहनों का फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी होगा। मोबाइल एप पर सुविधा देने वाली एजेंसियों को लाइसेंस मिलेगा।

Posted By: Kajal Kumari