पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Education News: बिहार सरकार ने 229 संबद्ध डिग्री कालेजों को मिलने वाले अनुदान की राशि को लेकर नकेल कस दी है। शिक्षा विभाग ने नियमों को सख्त करते हुए ऐसी व्यवस्था कर दी है कि अब अनुदान राशि का संबद्ध डिग्री कालेज कहीं और इस्तेमाल ही नहीं कर पाएंगे। यह राशि शिक्षकों व कर्मियों के वेतन पर खर्च हो रही है या नहीं, इसकी एप से निगरानी होगी। एप से सभी संबद्ध डिग्री कालेजों की वेबसाइट जुड़ेंगी। वेतनादि की स्पष्ट विवरणी वेबसाइट पर अपलोड होगी। 30 अक्टूबर तक सभी विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध डिग्री कालेजों को एप से जोड़ दिया जाएगा। दरअसल, संबद्धता प्राप्‍त कालेजों में सरकार से प्राप्‍त फंड के दुरुपयोग का आरोप लगता रहा है।

एक माह बाद देना होगा उपयोगिता प्रमाण-पत्र

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार के मुताबिक संबद्ध डिग्री कालेजों को अनुदान की राशि का भुगतान विधिवत नियुक्त शिक्षक एवं कॢमयों को उनके आधार नंबर से लिंक खाते में आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए संबद्ध डिग्री कालेज अलग बैंक खाता रखेंगे। इस राशि के लिए अलग से रोकड़ बही रहेगी। इन सबको पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी है। संबद्ध डिग्री कालेजों के लिए सरकार द्वारा संबंधित विश्वविद्यालयों को विमुक्त की जानेवाली अनुदान की राशि प्राप्त होने के एक माह के अंदर उपयोगिता प्रमाण पत्र देना आवश्यक होगा।

आडिट रिपोर्ट के साथ देना होगा घोषणा पत्र

संबद्ध डिग्री कालेजों के प्रबंधन द्वारा अनुदान राशि का आडिट पंजीकृत चाटर्ड एकाउंटेंट से अनिवार्य रूप से कराकर विभाग को दिया जाएगा। आडिट रिपोर्ट के साथ महाविद्यालयों को एक घोषणा पत्र भी देना होगा, जिसमें स्पष्ट रूप से अंकित होगा कि विभाग से प्राप्त कुल वॢणत राशि और महाविद्यालय के आंतरिक स्रोत की कुल राशि का 70 फीसदी मिलाकर पूरी राशि शिक्षक व कर्मचारियों के वेतन पर व्यय किया गया है।