पटना [राज्य ब्यूरो]। बिहार सरकार ने प्रदेश के 70 प्राइवेट नर्सिंग संस्थानों को नोटिस थमाई है। इन संस्थानों पर आरोप है कि वे सरकार के बार-बार निर्देश के बाद भी ना तो वेबसाइट तैयार कर रहे हैं, न ही इस संबंध में सरकार को सूचना दे रहे हैं। संबंधित संस्थानों को नोटिस का जवाब देने के लिए दो सप्ताह की मोहलत दी गई है।

प्रदेश में बड़ी संख्या में प्राइवेट नर्सिंग संस्थान संचालित हैं। सरकार को शिकायतें मिल रही थीं कि कई नर्सिंग संस्थानों में ना तो तय मानकों के अनुरूप शिक्षक हैं, न ही संस्थानों में पर्याप्त आधारभूत संरचना है। इतना ही नहीं, अधिकांश संस्थानों की आपस में सांठगांठ है।  इस वजह से एक संस्थान के शिक्षक दूसरे संस्थान को भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शिकायतें मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार मई 2019 में सभी प्राइवेट नर्सिंग संस्थानों को अपनी जानकारियां अपलोड करने के निर्देश दिए थे। संस्थानों को नामांकित, वर्षवार उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों के विवरण के साथ ही स्कूल एवं संचालक ट्रस्ट, शिक्षकों का ब्योरा, छात्रावास भवनों के फोटो और संस्थान में दी जाने वाली सुविधाओं के विवरण वेबसाइट पर अपलोड करने थे। साथ ही वेबसाइट तैयार होने की पूरी जानकारी भी सरकार ने इन संस्थानों से तलब की थी।

पहली बार में आदेश का पालन नहीं होने पर 26 जुलाई और इसके बाद 28 अगस्त 2019 को निर्देश जारी किए गए। अब आदेश का तामिला नहीं करने वाले 70 प्राइवेट नर्सिंग संस्थानों को सरकार ने नोटिस थमाते हुए दो सप्ताह के अंदर जवाब देने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस में स्पष्ट कर दिया है कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में संस्थान प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

Posted By: Amit Alok

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