पटना [राज्य ब्यूरो]। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने विश्वविद्यालय शिक्षकों और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने उन्हें सातवें वेतनमान का लाभ देने का फैसला किया है। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक पहली अप्रैल 2017 के प्रभाव से करीब 8 हजार  शिक्षकों एवं 33 हजार कर्मियों को सातवां वेतनमान का लाभ मिलेगा।

वेतन में 15 से 18 फीसद की वृद्धि

मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक राज्य के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतनमान में 15 से 18 फीसद की वृद्धि होगी। शिक्षा विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतनमान में वृद्घि को लेकर पहले ही वित्त विभाग से स्वीकृति ली जा चुकी है। इसलिए किसे कितना वेतनमान मिलेगा, यह सब शिक्षकों के मौजूदा वेतन का आकलन से होगा। वैसे अप्रैल 2017 के प्रभाव से ही शिक्षकों व कर्मियों को सातवां वेतनमान का लाभ दिया जाएगा।

पुनरीक्षित वेतनमान कमेटी ने की थी अनुशंसा

पिछले 08 फरवरी को विश्वविद्यालय शिक्षकों के लिए गठित पुनरीक्षित वेतनमान कमेटी ने राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें विश्वविद्यालयों के असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर एवं सीनियर प्रोफेसर के वेतन में 15 से 18 फीसद वृद्धि की अनुशंसा की गई थी। तीन सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष भारतीय प्रशासनिक सेवा के सीनियर अफसर सुनील कुमार सिंह थे, जबकि कमेटी में शिक्षा विभाग के सचिव सतीश चन्द्र झा एवं वित्त विभाग के संयुक्त सचिव शिवशंकर मिश्र बतौर सदस्य शामिल थे।

Posted By: Amit Alok

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