Gen-Z में बढ़ी बेदाग त्वचा की चाह, पटना के विशेषज्ञ बोले- मुहांसों पर खुद से क्रीम लगाना पड़ सकता है भारी
जेन जी में चमकदार त्वचा की चाहत बढ़ रही है, लेकिन मुहांसों के लिए खुद से दवाएं लेना हानिकारक हो ...और पढ़ें

IADVL के कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टर। जागरण
जागरण संवाददाता, पटना। जेन जी के युवाओं में चमकदार और बेदाग चेहरा पाने की चाह बढ़ रही है। हमेशा युवा दिखने और मुहांसों से छुटकारा पाने के लिए कई युवा तरह-तरह की क्रीम और दवाएं लेने लगते हैं।
ऐसा करना त्वचा के लिए नुकसानदेह हो सकता है। गलत दवा या क्रीम के इस्तेमाल से समस्या कम होने के बजाय त्वचा पर जलन, संक्रमण और अन्य परेशानी बढ़ सकती है।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलाजिस्ट, वेनेरियोलाजिस्ट एंड लेप्रोलाजिस्ट (IADVL) की ओर से आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए हैदराबाद से आईं त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. ऋचा कुमार ने ये कहा।
अब कई खास उपचार भी उपलब्ध
वे युवाओं में बढ़ रही मुहांसों की समस्या और इसके आधुनिक उपचार को लेकर संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि एक्ने (मुहांसे), हमेशा युवा दिखने, संक्रमण से बचाव और फंगल व बैक्टीरियल संक्रमण के उपचार के लिए युवा कई बार बिना विशेषज्ञ की सलाह के दवाओं का इस्तेमाल करने लगते हैं।
इससे त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि अब मुहांसों के उपचार में काफी प्रगति हुई है। आधुनिक उपचार पद्धतियों में पहले की तुलना में कम परेशानी होती है।
मरीज की त्वचा की स्थिति के अनुसार सुरक्षित उपचार विकल्प उपलब्ध हैं। इसलिए किसी भी दवा या क्रीम का इस्तेमाल खुद से करने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ आइएडीवीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. अभिषेक कुमार झा, बिहार शाखा के संरक्षक डाॅ. पीके राय, उपाध्यक्ष डाॅ. विकास शंकर, सचिव डाॅ. श्रीपर्णा देव, एम्स की विभागाध्यक्ष डाॅ. स्वेतालीना प्रधान, डाॅ. ओपी चौरसिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।
मुहांसों में गोरेपन की क्रीम से बचें
कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद आईएडीवीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. अभिषेक कुमार झा ने कहा कि मुहांसों की समस्या वाले लोगों को नन-आयली सनस्क्रीन और माश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से सलाह दी कि मुहांसों के दौरान गोरेपन वाली क्रीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसी क्रीम त्वचा की समस्या को बढ़ा सकती है।
उन्होंने कहा कि चेहरे पर मुहांसे होने पर उन्हें दबाने या बार-बार छूने से भी बचना चाहिए। त्वचा के प्रकार और मुहांसों की स्थिति के अनुसार ही उपचार किया जाना चाहिए।
