पटना, [भुवनेश्वर वात्स्यायन]। ग्रेटर पटना के सेटेलाइट शहरों में बड़ी आवासीय कॉलोनी की अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए सरकार भूमि अधिग्रहण नहीं करेगी। सरकार भूस्वामी से जमीन लेगी। उस क्षेत्र में बिजली, सीवेज, पानी, सड़क तथा पार्क आदि बनाएगी। स्कूल, कम्यूनिटी हॉल और मार्केट आदि की सुविधाएं भी विकसित करेगी। फिर उस क्षेत्र का 60 फीसद हिस्सा मालिक को लौटा दिया जाएगा, ताकि वह उसका व्यावसायिक इस्तेमाल कर सके। 40 फीसद क्षेत्र में ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पहले इसी काम के लिए सरकार पूरी जमीन का अधिग्रहण कर लेती थी।

जल्द शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट पर काम

बिना जमीन अधिग्रहण नया शहर आबाद करने के पायलट प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम आरंभ होगा। पटना मास्टर प्लान में ग्रेटर पटना के तहत जिन पांच सेटेलाइट शहरों को शामिल किया गया है, उनमें से किसी एक शहर में ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत नया शहर आबाद किया जाएगा। ग्रेटर पटना में फतुहा, खुसरूपुर, पुनपुन और बिहटा जैसे इलाके शामिल हैं।

सुविधा संपन्न होते ही बढ़ जाएगा इलाके का महत्व

सुविधाओं के विकसित हो जाने से संबंधित इलाके में जमीन की कीमत बढ़ जाएगी। इलाका आधुनिक शहर की सभी सुविधाओं वाला हो जाएगा। विकसित जमीन का साठ प्रतिशत हिस्सा जमीन मालिक का रहेगा। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद कहते हैं कि अभी वह स्थान चिह्नित होने हैं, जहां यह योजना शुरू होगी।

ग्रेटर पटना में सड़कों का बिछेगा जाल

ग्रेटर पटना में शामिल सेटेलाइट शहरों में नए तरीके से सड़कों का जाल बिछाया जाना है। नया रोड ग्रिड किस तरह से विकसित होगा इसके लिए सर्वे का काम आरंभ किया गया है। पटना मास्टर प्लान के तहत एरिया डेवलपमेट स्कीम के क्रियान्वयन के लिए कंसलटेट की तलाश आरंभ हो गई है। गुजरात और महाराष्ट्र में इस क्षेत्र में काम करने वाली एजेंसियों को देखा जा रहा है।

Posted By: Jagran