गया बनेगा अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कारिडोर का दूसरा सबसे बड़ा क्लस्टर, 135 करोड़ की केंद्रीय मदद; 1.09 लाख रोजगार की उम्मीद
गया में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत 1670 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित हो रहा है, जिसे केंद्र से ...और पढ़ें

गया में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कारिडोर(AI फोटो)
HighLights
गया में 1670 एकड़ का इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बन रहा है।
1.09 लाख रोजगार और 16524 करोड़ निवेश की संभावना है।
श्याम स्टील 5000 करोड़ का निवेश कर 8000 रोजगार देगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। गया में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कारिडोर के तहत बन रहा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आइएमसी) बिहार के बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। 1670 एकड़ में बनने वाले इस क्लस्टर के लिए केंद्र सरकार से इक्विटी के रूप में अब तक 135 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। फिलहाल चारदीवारी, कनेक्टिविटी और अन्य आधारभूत संरचनाओं का काम प्रारंभिक चरण में है।
16524 करोड़ के निवेश का बनेगा आधार
गया आइएमसी में करीब 16524 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। इससे लगभग 1.09 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कारिडोर के छह क्लस्टरों में क्षेत्रफल के लिहाज से हिसार के बाद गया दूसरा सबसे बड़ा क्लस्टर होगा।
5000 करोड़ का निवेश लगाएगी श्याम स्टील
क्लस्टर को लेकर उद्योग जगत की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। श्याम स्टील मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड ने यहां 5000 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की है।
कंपनी करीब 500 एकड़ में अपना प्लांट लगाएगी, जिससे लगभग 8000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। बड़े उद्योगों के साथ छोटे और मध्यम कारखानों के आने से पूरे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
केंद्र देगा 462 करोड़ इक्विटी और 345 करोड़ ऋण
परियोजना के लिए केंद्र सरकार कुल 462 करोड़ रुपये इक्विटी के रूप में देगी, जबकि 345 करोड़ रुपये ऋण के तौर पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
शेष राशि की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी है। क्लस्टर के लिए 1670 एकड़ भूमि के अधिग्रहण पर राज्य सरकार पहले ही 462 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।
सड़क से बिजली तक तैयार हो रहा पूरा ढांचा
गया आइएमसी को स्वर्णिम चतुर्भुज से जोड़ने के लिए डोभी के पास सात किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड सड़क बनाई जाएगी। इस पर करीब 142 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
वहीं, पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए 324 एकड़ में जलाशय बनाया जाएगा, जिसकी क्षमता 8.5 एमसीएम होगी। इसके निर्माण पर करीब 428 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एग्रो से एयरोस्पेस तक कई उद्योगों को मिलेगा ठिकाना
क्लस्टर में एग्रो एवं खाद्य प्रसंस्करण, रेडीमेड गार्मेंट, टेक्निकल इंडस्ट्री, आटो पार्ट्स, स्टील उत्पाद, एयरोस्पेस एवं डिफेंस, भवन सामग्री, फर्नीचर तथा हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट से जुड़े उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
इससे गया समेत आसपास के जिलों में औद्योगिक निवेश और रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रमुख अवसंरचना
- 1. सड़क संपर्क : स्वर्णिम चतुर्भुज से डोभी के निकट इसे कनेक्टिविटी मिलेगी। उसके लिए सात किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड सड़क बनेगी। इस पर 142 करोड़
- खर्च अनुमानित है।
- 2. जल आपूर्ति : निरंतर पानी की आपूर्ति के लिए 324 एकड़ में जलाशय (डैम) बनाया जाएगा। इस डैम को लीलाजन नदी से पानी मिलेगा। 8.5 एमसीएम क्षमता वाले इस जलाशय के निर्माण पर 428 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- 3. बिजली व्यवस्था : परियोजना की चारदीवारी तक 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन के लिए बिहार सरकार ने स्वीकृति दी है।
अमृतसर-कोलकाता कारिडोर
| क्लस्टर | रकबा | लागत (करोड़ रुपये) |
| खुरपिया, उत्तराखंड | 1002 | 1265 |
| राजपुरा, पंजाब | 1099 | 1367 |
| हिसार, हरियाणा | 2988 | 4680 |
| आगरा, उत्तर प्रदेश | 1058 | 1812 |
| प्रयागराज, उत्तर प्रदेश | 352 | 658 |
| गया, बिहार | 1670 | 1339 |
