विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पितृपक्ष मेला 2026: गयाजी में पिंडदान के लिए पर्यटन व‍िभाग के 5 खास पैकेज, 11250 रुपये से शुरू किराया; ई-पिंडदान भी

Published: Mon, 14 Sep 2026 02:11 PM (IST)

बिहार पर्यटन विभाग ने पितृपक्ष मेला 2026 के लिए गयाजी में पिंडदान हेतु पांच विशेष पैकेज जारी किए हैं, जिनमें ...और पढ़ें

गयाजी में प‍िंडदान के लि‍ए पर्यटन व‍िभाग ने जारी क‍िए पैकेज। सांकेत‍िक तस्‍वीर

गयाजी में प‍िंडदान के लि‍ए पर्यटन व‍िभाग ने जारी क‍िए पैकेज। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. बिहार पर्यटन ने पितृपक्ष 2026 के लिए 5 पैकेज जारी किए।

  2. पैकेज में पिंडदान, आवास, भोजन और परिवहन की सुविधा।

  3. गयाजी नहीं पहुंच पाने वालों के लिए ई-पिंडदान उपलब्ध।

जागरण संवाददाता, पटना। पितृपक्ष मेला-2026 में देश-विदेश से गयाजी और बिहार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग ने विशेष तैयारी की है।

बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (BSTDC) ने पिंडदान और धार्मिक पर्यटन को जोड़ते हुए पांच विशेष पैकेज जारी किए हैं। ये पैकेज 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

इन पैकेजों में श्रद्धालुओं को पिंडदान अनुष्ठान, पंडा-पुजारी की सेवाएं, पूजन सामग्री, परिवहन, आवास और भोजन जैसी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराई जाएंगी।

श्रद्धालु अपनी यात्रा अवधि और बजट के अनुसार एक दिवसीय अथवा एक रात्रि-दो दिवसीय पैकेज चुन सकेंगे। ऑनलाइन बुकिंग के लिए श्रद्धालु BSTDC की वेबसाइट  https://bstdc.bihar.gov.in/Pitripaksha/पर जा सकते हैं। जानकारी के लिए 8544418408 और 8294307690 पर संपर्क किया जा सकता है।

पैकेज-ए : पटना से गयाजी तक एक दिन में पिंडदान

इस पैकेज में पटना से पुनपुन घाट होते हुए गयाजी और फिर पटना वापसी की सुविधा मिलेगी। पटना शहर के 10 किलोमीटर क्षेत्र, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट से श्रद्धालुओं को पिकअप और ड्रॉप की सुविधा दी जाएगी।

सेडान या हैचबैक कार से यात्रा कराई जाएगी। पुनपुन घाट पर पिंडदान के साथ गयाजी में फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पर पिंडदान की व्यवस्था होगी।

पिंडदान शुल्क, पूजन सामग्री, आवास और शाकाहारी दोपहर का भोजन भी पैकेज में शामिल है। होटल की श्रेणी और यात्रियों की संख्या के अनुसार इसकी कीमत 14,550 से 30,650 रुपये तक है।

पैकेज-बी : पिंडदान के साथ नालंदा-राजगीर की सैर

एक रात्रि-दो दिवसीय इस पैकेज में पटना से पुनपुन घाट और गयाजी में पिंडदान कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को राजगीर के विश्व शांति स्तूप और नालंदा के प्राचीन अवशेषों का भ्रमण कराया जाएगा।

आवास के साथ शाकाहारी नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन शामिल है। हालांकि स्मारकों और पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट पैकेज में शामिल नहीं होंगे। इसकी दर 18,850 से 40,700 रुपये तक है।

पैकेज-सी : गयाजी में एक दिन में पूरा पिंडदान

गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक दिवसीय पैकेज है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट अथवा 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित पूजा स्थल से पिकअप और ड्रॉप की सुविधा मिलेगी।

फल्गु नदी पर तर्पण, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पर पिंडदान के साथ पंडाजी की सेवाएं, पिंडदान शुल्क, पूजन सामग्री, आवास और शाकाहारी भोजन शामिल है। इसकी कीमत 11,250 से 25,250 रुपये तक निर्धारित की गई है।

पैकेज-डी : देर रात और सुबह पिंडदान करने वालों के लिए खास

यह पैकेज खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया है जो देर रात, सुबह या शाम के समय पिंडदान करना चाहते हैं। इसमें गयाजी स्टेशन, एयरपोर्ट या पूजा स्थल से पिकअप-ड्रॉप, कार, आवास और भोजन की सुविधा रहेगी।

फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पर पिंडदान की व्यवस्था के साथ इसकी कीमत 16,000 से 39,500 रुपये तक है।

पैकेज-ई : पिंडदान के साथ राजगीर और नालंदा भ्रमण

एक रात्रि-दो दिवसीय इस पैकेज में गयाजी में पिंडदान के साथ राजगीर और नालंदा घूमने का मौका मिलेगा। परिवहन, पिंडदान सेवाएं, पूजन सामग्री, आवास और शाकाहारी भोजन पैकेज में शामिल हैं।

राजगीर में विश्व शांति स्तूप और नालंदा के प्राचीन अवशेषों का भ्रमण कराया जाएगा। पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट अलग से देने होंगे। इसकी कीमत 16,550 से 32,850 रुपये तक है।

गयाजी नहीं पहुंच पाने वालों के लिए ई-पिंडदान

जो श्रद्धालु किसी कारण गयाजी नहीं पहुंच सकते, उनके लिए ऑनलाइन ई-पिंडदान की सुविधा भी शुरू की गई है। इसकी कुल कीमत 23,000 रुपये, जीएसटी सहित निर्धारित है।

ई-पिंडदान में विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट और फल्गु नदी पर पिंडदान अथवा तर्पण कराया जाएगा। इसमें पुरोहित की सेवाएं, पूजन सामग्री, दक्षिणा और पूरे अनुष्ठान की वीडियो रिकॉर्डिंग शामिल है।

अनुष्ठान की रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस तरह श्रद्धालु स्वयं गयाजी पहुंचे बिना भी प्रमुख पिंडदान स्थलों पर विधि-विधान से अनुष्ठान करा सकेंगे।

यह भी पढ़ें- गयाजी में 25 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष मेला, श्रद्धालुओं के लिए बन रही 2500 बेड की टेंट सिटी