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गया जी में आज से शुरू हुआ चार दिवसीय त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध, विष्णुपद मंदिर में 16 वेदियों पर होगा पिंडदान

Published: Thu, 01 Oct 2026 11:58 AM (IST)

पितृपक्ष मेले की पंचमी तिथि पर गया जी के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में चार दिवसीय त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध का शुभारंभ ...और पढ़ें

16 वेदियों पर पिंडदान

16 वेदियों पर पिंडदान

HighLights

  1. विष्णुपद मंदिर में चार दिवसीय त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध शुरू।

  2. श्रद्धालु 16 वेदियों पर पिंडदान, विष्णु चरण दर्शन कर रहे।

  3. पितरों की मोक्ष कामना हेतु विशेष धार्मिक अनुष्ठान।

जागरण संवाददाता, गया जी। पितृपक्ष मेले की पंचमी तिथि पर गुरुवार से गया जी के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर परिसर में चार दिवसीय त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध का शुभारंभ हो गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में पिंडदान और विष्णु चरण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु पितरों की मोक्ष की कामना को लेकर गया श्राद्ध का कर्मकांड कर रहे हैं।

16 वेदियों पर पिंडदान, सुबह से जुटे श्रद्धालु

विष्णुपद मंदिर परिसर में स्थित 16 वेदियों पर पिंडदान का कर्मकांड किया जा रहा है। श्रद्धालु विधि-विधान से पिंड अर्पित करने के साथ विष्णु चरण के दर्शन कर रहे हैं।

त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध के तहत इन वेदियों का धार्मिक महत्व विशेष माना जाता है। मंदिर परिसर में सुबह से ही कर्मकांड कराने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।

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विष्णु चरण के दर्शन के साथ पितरों के मोक्ष की कामना

धर्मशास्त्रों के अनुसार गया में पिंडदान को पितरों के मोक्ष की कामना से जुड़ा महत्वपूर्ण कर्मकांड माना जाता है। इसी भावना के साथ श्रद्धालु विष्णुपद वेदी पर पिंड अर्पित कर रहे हैं।

इसके साथ ही रुद्र पद और ब्रह्म पद पर भी श्राद्ध कर्म किया जा रहा है। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला सुबह से जारी है।

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चार दिनों तक चलेगा त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध

त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध का यह विशेष चरण चार दिनों तक चलेगा। पहले दिन विष्णुपद, रुद्र पद और ब्रह्म पद पर कर्मकांड हो रहा है।

अगले चरण में अलग-अलग वेदियों पर पिंडदान की परंपरा निभाई जाएगी। दूसरे दिन कार्तिकेय पद, दक्षिणाग्नि पद सहित अन्य वेदियों पर पिंडदान का विधान बताया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने संभाली व्यवस्था

विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को कर्मकांड और दर्शन में सुविधा देने के लिए व्यवस्था की गई है।

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मकांड कराने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित धार्मिक प्रक्रिया के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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पितृपक्ष में गया पहुंच रहे देशभर के श्रद्धालु

पितृपक्ष के दौरान गया में पिंडदान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध के दौरान विष्णुपद मंदिर की वेदियों पर होने वाले कर्मकांड का विशेष धार्मिक महत्व है।

चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान अलग-अलग वेदियों पर पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाएंगे।