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मोबाइल में बस ये काम कर लें, नहीं तो रुक सकती है बिहार में गैस सब्सिडी; 16 अगस्त है आखिरी तारीख

Published: Sat, 08 Aug 2026 09:20 PM (IST)

बिहार में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को 16 अगस्त तक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, अन्यथा सब्सिडी रोकी जा सकती है या ...और पढ़ें

गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं

गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं

HighLights

  1. 16 अगस्त तक गैस ई-केवाईसी कराना अनिवार्य।

  2. ई-केवाईसी न होने पर सब्सिडी रुक सकती है।

  3. बिहार में 28.50 लाख उपभोक्ताओं का सत्यापन बाकी।

जागरण संवाददाता, पटना। अगर आपके घरेलू गैस कनेक्शन पर सब्सिडी मिलती है और अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है तो अब इसे टालना भारी पड़ सकता है। 16 अगस्त तक ई-केवाईसी नहीं कराने पर सब्सिडी रोकी जा सकती है।

बिहार में अभी भी 28.50 लाख घरेलू और उज्ज्वला गैस उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी नहीं हुआ है। राज्य में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी कनेक्शन की संख्या करीब 1.09 करोड़ है।

इनमें लगभग 80 लाख उपभोक्ता अपना ई-केवाईसी करा चुके हैं। तेल कंपनियां बाकी उपभोक्ताओं से तय समय के भीतर सत्यापन कराने की अपील कर रही हैं।

गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं, घर बैठे होगा सत्यापन

ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम कंपनियों के अनुसार अपनी गैस कंपनी का मोबाइल एप डाउनलोड कर घर बैठे ई-केवाईसी कराया जा सकता है।

घरेलू गैस कनेक्शनधारकों के साथ उज्ज्वला योजना के लाभुकों के लिए भी ई-केवाईसी जरूरी है। उज्ज्वला योजना के लाभुकों को साल में एक बार ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है।

तेल कंपनियां शेष उपभोक्ताओं को इसके लिए लगातार जागरूक कर रही हैं। 16 अगस्त की समय सीमा को देखते हुए उपभोक्ताओं के लिए अब सत्यापन कराना जरूरी हो गया है।

एक सिलेंडर पर 79.26 रुपये की सब्सिडी

वर्तमान में घरेलू गैस सिलेंडर पर 79.26 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिल रही है। वहीं उज्ज्वला योजना के लाभुकों को 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी दी जाती है।

ऐसे में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को सीधे आर्थिक नुकसान हो सकता है। यानी सब्सिडी का लाभ लेने वाले परिवारों के लिए ई-केवाईसी काफी महत्वपूर्ण है।

29 लाख उपभोक्ताओं के एक-एक सिलेंडर उठाव पर 79.26 रुपये की सब्सिडी के हिसाब से तेल कंपनियों को करीब 22.98 करोड़ रुपये की सब्सिडी देनी होगी। इसी वजह से कंपनियां सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर दे रही हैं।

ई-केवाईसी से फर्जी कनेक्शन की भी होगी पहचान

बिहार एलपीजी वितरक संघ के महासचिव डा. रामनरेश सिन्हा के अनुसार कई उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, लेकिन वे गैस सिलेंडर लेते रहे हैं।

इनमें कुछ कनेक्शन फर्जी या दूसरे लोगों के नाम पर संचालित होने की आशंका है। ई-केवाईसी के जरिए ऐसे कनेक्शनों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

इससे गैस कनेक्शन से जुड़ी जानकारी का सत्यापन भी हो सकेगा। तेल कंपनियां ई-केवाईसी के जरिए वास्तविक उपभोक्ताओं का सत्यापन करना चाहती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत लंबित कनेक्शनों की जांच भी आसान होगी।

16 अगस्त के बाद हो सकता है कनेक्शन पर असर

बिहार एलपीजी वितरक संघ के महासचिव ने बताया कि 16 अगस्त के बाद ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ तेल कंपनियां कार्रवाई कर सकती हैं।

संभावित कार्रवाई में कनेक्शन बंद करना या घरेलू कनेक्शन को वाणिज्यिक श्रेणी में बदलना शामिल है। हालांकि अंतिम कार्रवाई का निर्णय तेल कंपनियों की ओर से किया जाना बाकी है।

इसलिए उपभोक्ताओं के लिए बेहतर है कि तय समय सीमा के भीतर अपना ई-केवाईसी करा लें। खासकर सब्सिडी पाने वाले घरेलू और उज्ज्वला उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी चाहिए।

यानी 16 अगस्त की तारीख उन लाखों परिवारों के लिए अहम है, जिनका गैस कनेक्शन अभी ई-केवाईसी से सत्यापित नहीं हुआ है।