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गंडक नदी ने तोड़ा अपना पुराना रिकॉर्ड, बगहा में 91.25 मीटर पहुंचा जलस्तर; दो जगह चंपारण तटबंध टूटा

Published: Tue, 29 Sep 2026 09:55 AM (IST)Updated: Tue, 29 Sep 2026 09:59 AM (IST)

गंडक नदी में रिकॉर्ड 91.25 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है, जिससे पश्चिम चंपारण में चंपारण तटबंध दो स्थानों पर ...और पढ़ें

गंडक बराज से बह रहा पानी। जागरण

गंडक बराज से बह रहा पानी। जागरण

HighLights

  1. गंडक नदी में 91.25 मीटर का रिकॉर्ड जलस्तर दर्ज।

  2. पश्चिम चंपारण में चंपारण तटबंध दो जगह क्षतिग्रस्त।

  3. अत्यधिक जलश्राव से तटबंधों पर भारी दबाव बना।

राज्य ब्यूरो, पटना। गंडक नदी से प्रवाहित अत्यधिक जलश्राव के फलस्वरुप नदी पर निर्मित तटबंधों पर भारी दबाव की स्थिति बनी हुई है तथा कई स्थलों पर सीपेज, पाईपिंग एवं ओवर-टापिंग की समस्या भी उत्पन्न होती रही।

अभी तक 169 बिंदुओं पर हुए सीपेज/पाईपिंग को तत्काल कार्य कराते हुए सुरक्षित किया गया है। बढ़े हुए जलस्तर के कारण 28-29 सितंबर की मध्य रात्रि में, पश्चिम चंपारण जिला अंतर्गत, गंडक नदी के बाएं तट पर निर्मित चंपारण तटबंध 02 स्थलों पर (1. ग्राम-खैरतवा, प्रखंड-बगहा-1 एवं 2. ग्राम-फुलियाखाड़, प्रखंड-बैरिया) क्षतिग्रस्त हुआ है।

चार दलों को भेजा गया बगहा, बेत‍िया, मोति‍हारी एवं गोपालगंज

इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश प्रभाग में कुशीनगर जनपद अंतर्गत गंडक नदी के दायें तट पर निर्मित तटबंध एक स्थल पर क्षतिग्रस्त हुआ है। जल संसाधन विभाग एवं जिला प्रशासन पश्चिम चंपारण की टीम द्वारा आवश्यक पहल हो रही है।

क्षेत्रीय अभियंता लगातार बाढ़ संघर्षात्मक कार्य में लगे हुए हैं, तटबंधों पर काफी दबाव है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय से रात्रि में ही कार्यपालक अभियंता की अध्यक्षता में चार दलों को बगहा, बेतिया, मोतिहारी एवं गोपालगंज भेजा गया है।

अप्रत्याशित जलश्राव के मद्देनजर पूर्व में भी अतिरिक्त अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति स्थल पर की गई है। अपस्ट्रीम में जल स्तर के घटने तथा डाउन स्ट्रीम में बढ़ने की प्रवृत्ति है। वरीय पदाधिकारियों द्वारा लगातार मानीटरिंग की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि गंडक नदी बेसिन के नेपाल के जल-ग्रहण क्षेत्रों में अल्प-अवधि में हुई अत्यधिक वर्षा के फलस्वरुप दिनांक-28.09.2026 के पूर्वाह्न 6.00 बजे वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज से 5,43,500 क्युसेक जलस्राव हुआ।

यह अभी अपने निम्न प्रवाह क्षेत्रों (पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली) से होकर गुजर रहा है।

32 घंटे में 4 लाख क्‍यूसेक से अधिक प्रवाह

इस दौरान वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज पर नदी का जलस्राव 13 घंटे तक पांच लाख क्युसेक से अधिक तथा 32 घंटे तक चार लाख क्युसेक से अधिक बना रहा।

दिनांक 26 एवं 27 सितंबर के बीच बिहार स्थित गंडक नदी के सीमावर्ती जिलों (पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण एवं गोपालगंज) में भी काफी अधिक वर्षा हुई है। इस कारण गंडक बराज के निम्न प्रवाह में नदी का जलस्तर पूर्व से ही बढ़ा हुआ है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज से अधिकतम जलस्राव 5,62,500 क्यूसेक की तुलना में इस बार का बराज से जलस्राव कुछ कम रहने के बावजूद नदी द्वारा बगहा गेजस्थल पर 91.25 मीटर का अब तक का नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया है। यह पूर्व के उच्चतम जलस्तर 90.90 मीटर (वर्ष 2024) से 0.35 मीटर अधिक है।