जागरण टीम, पटना: बिहार के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व विधान पार्षद रहे 76 वर्षीय विजय शंकर मिश्र का शनिवार को पटना सिटी के नूरपुर में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। विजय शंकर मिश्र 1986 से 1998 तक दो बार बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे। उनके निधन पर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक जताया है। नीतीश ने कहा कि विजय शंकर मिश्र कुशल राजनेता एवं समाजसेवी थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्म की शांति के साथ स्वजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। 

विजय शंकर मिश्र के बड़े पुत्र मनीष गौतम मिश्रा ने बताया कि कोविड के कारण विधानसभा एवं सदाकत आश्रम कांग्रेस कार्यालय में पार्थिव पिता का शरीर नहीं ले जाया गया। रविवार की सुबह 10 बजे आवास से उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। कांग्रेसी नेता और पूर्व विधान पार्षद रहे विजय शंकर मिश्र के निधन पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा, बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव तारिक अनवर, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा, सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह एवं कई गणमान्य नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए सांत्वना दी है। 

बिहार की राजनीति में खलेगी कमी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा. मदन मोहन झा ने कहा कि विजय शंकर मिश्र एक बेहद सरल और मृदुभाषी व्यक्ति थे। उनके निधन से कांग्रेस परिवार को गहरा दुःख हुआ है। बिहार की राजनीति में उनकी कमी हमेशा खलेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को चिर शांति प्रदान करें। विजय शंकर मिश्रा अपने पीछे एक पुत्र एवं एक पुत्री सहित परिवार छोड़ गए हैं। निधन पर कांग्रेश के महानगर अध्यक्ष शशी रंजन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष  राजकुमार राजन, पूर्व युवा अध्यक्ष लल्लन यादव, डॉ विनोद कुमार अवस्थी, पप्पू त्रिवेदी, कमलनयन श्रीवास्तव, घनश्याम शर्मा, अशोक यादव, शरीफ रंगरेज, सुजीत कसेरा, तुषार आर्य समेत सैकड़ों समर्थकों ने शोक व्यक्त किया है।

Edited By: Akshay Pandey