विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

RJD को झटका: फूट-फूटकर रोते हुए पूर्व मंत्री ने छोड़ी पार्टी, MLC का टिकट नहीं मिलने से थे नाराज

Published: Mon, 08 Jun 2026 05:32 PM (IST)

बिहार की राजनीति में उस समय बड़ा सियासी झटका देखने को मिला जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एससी-एसटी प्रकोष्ठ ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। लालू प्रयास यादव के पार्टी RJD को MLC चुनाव से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है। पार्टी के बड़े दलित नेता और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है।

उन्होने कहा कि पार्टी ने मान सम्मान नहीं दिया और सूत्रों के अनुसार विधान परिषद में टिकट नही ंमिलने से वो नाराज होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

एमएलसी टिकट न मिलने से नाराजगी

यह कदम विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारी न मिलने के विरोध में उठाया है।

संवाददाताओं से बातचीत के दौरान राम ने कहा कि राजद में बने रहने या पूरी तरह अलग हो जाने के बारे में वे जल्द ही निर्णय लेंगे। फिलहाल वे पार्टी के सभी पदों से त्याग पत्र दे रहे हैं। 

 पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने कहा कि वे 1990 से ही लालू प्रसाद के प्रति समर्पित रहे हैं। लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के प्रति आभारी हैं।

राजद ने उन्हें विधायक और मंत्री बनाया। लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार भी बनाया।

RJD ने सुनील सिंह को बनाया उम्मीदवार

इसी बीच पार्टी ने एमएलसी चुनाव के लिए सुनील सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जिसके बाद अंदरूनी असंतोष की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चा तेज

शिवचंद्र राम के इस्तीफे के बाद आरजेडी के भीतर असंतोष की बात खुलकर सामने आने लगी है। इसे पार्टी संगठन के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है, जिससे अंदरूनी मतभेदों पर चर्चा बढ़ गई है।

विधान परिषद में न जाने से अनुसूचित जाति और राज्य के आम गरीब दुखी हैं। पिछले तीन दिनों से उनके समर्थक पटना के होटलों में डेरा डाले हुए हैं।

संवाददाता सम्मेलन में शिवचंद्र राम फूट फूट कर रोने लगे।

रोहिणी आचार्य का पोस्ट भी बना चर्चा का विषय

इस घटनाक्रम से पहले लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर RJD एमएलसी उम्मीदवार को लेकर सवाल उठाए थे, जिससे पार्टी में तनाव की स्थिति और बढ़ गई।

आगे RJD पर क्या असर पड़ेगा?

फिलहाल इस पूरे मामले पर RJD की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह इस्तीफा पार्टी संगठन और आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।