यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने चौपट कर दी थी पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था, राजद ने किया हमला
Bihar News डिप्टी सीएम व हेल्थ मिनिस्टर तेजस्वी यादव के निरीक्षण के दौरान पीएमसीएच की कुव्यवस्था उजागर होने के बाद ...और पढ़ें

पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Politics: युवा राजद ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Ex Health Minister Mangal Pandey) पर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को चौपट करने का आरोप लगाया है। युवा राजद के प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने पीएमसीएच समेत पटना के अन्य अस्पतालों में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Deputy CM Tejashwi Yadav) के औचक निरीक्षण की सराहना करते हुए कहा कि निरीक्षण में पुरानी व्यवस्था की सारी पोल खुल गई।
बीमारू व्यवस्था को ठीक करने में लगे हैं तेजस्वी
तेजस्वी यादव स्वास्थ्य व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सजग हैं। यही कारण है कि उन्होंने आधी रात में अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। मरीजों से रूबरू होकर उनकी परेशानियां सुनीं। अस्पताल की कुव्यवस्था पर डाक्टरों और अस्पताल प्रशासन को फटकार लागाई। स्वास्थ्य विभाग की बीमारू व्यवस्था को ठीक करने के लिए तेजस्वी यादव युद्धस्तर पर काम में लगे हुए हैं। जिसका फायदा आने वाले समय में लोगों को मिलेगा।
मंगलवार रात तेजस्वी ने किया था औचक निरीक्षण
गौरतलब है कि डिप्टी सीएम सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने मंगलवार रात पीएमसीएच समेत तीन अस्पतालों का निरीक्षण किया था। इस दौरान पीएमसीएच के टाटा वार्ड की व्यवस्था देख वे बिफर उठे। वहां सभी की क्लास लगा दी। कहा कि यह सब नहीं चलेगा। सबकुछ नियम के अनुसार होने चाहिए।
किस काम का है ये कंट्रोल रूम
टाटा वार्ड स्थित मेडिसिन इमरजेंसी की बदहाली का कारण जानने के लिए कंट्रोल रूम पहुंचे। वहां मौजूद व्यक्ति से परिचय पूछने पर पता चला कि वह मेल नर्स है। स्वास्थ्य मंत्री ने पूछा कि स्वास्थ्य प्रबंधक क्यों नहीं है तो बताया गया कि वे दिन में रहते हैं। उपमुख्यमंत्री ने पूछा कि द्वार पर शव रखा है, इसे शवगृह में क्यों पहीं भिजवाया गया। इस पर बताया गया कि पुलिस को इसकी सूचना दी गई है। इसके बाद टीओपी प्रभारी को बुलाया गया लेकिन उनकी पुस्तिका में यह इंगित नहीं था कि कब मौत हुई और उन्हें शव पोस्टमार्टम भिजवाने की सूचना मिली। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने डाक्टरों का ड्यूटी रोस्टर और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों का अटेंडेंस रजिस्टर मांगा, इस पर कहा गया कि वह राजेंद्र सर्जिकल ब्लाक के सामने स्थित सर्जिकल इमरजेंसी के कंट्रोल रूम में है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि किसी दबाव में झूठ मत बोलो। क्या डाक्टर वहां उपस्थिति दर्ज करने के बाद ड्यूटी करने यहां आते हैं। इसके बाद तेजस्वी यादव ने पूछा कि सफाई एजेंसी का नाम क्या है, इस पर जवाब मिला कि नहीं पता। यह सुनते ही उपमुख्यमंत्री भड़क गए और पूछा कि आखिर यह कंट्रोल रूम है किस काम का। वार्ड में कुत्ते को मंडराते एवं बदबू आने के साथ ही दवाओं की अनुपलब्धता, सीनियर डाक्टरों की गैरहाजिरी पर तेजस्वी ने काफी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि 60 दिनों में व्यवस्था पूरी तरत से दुरुस्त होनी चाहिए। तेजस्वी ने रात में औचक निरीक्षण के बाद दिन में समीक्षा बैठक भी की।
