पटना, राज्य ब्यूरो ।  पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बुधवार को एक के बाद कई ट्वीट कर विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार करने के लिए लागू तीन नये कृषि कानून को वापस लेने पर अड़े किसान संगठनों को कानूनों पर अंतरिम रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद अदालत की पहल से बनी विशेषज्ञों की समिति पर भरोसा नहीं है। किसान समाधान नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजनीतिक बैर निकालने वाली देशी-विदेशी ताकतों का हथियार बने रहना चाहते हैं।

हर व्‍यक्ति को दिए गए 10-10 हजार रुपये

 दिल्ली के किसान आंदोलन को कनाडा के प्रधानमंत्री का समर्थन का असर था कि इस आंदोलन के नेता 26 जनवरी की ट्रैक्टर रैली स्थगित करने को राजी नहीं हुए। किसान आंदोलन में देश विरोधी नारे लगे और प्रधानमंत्री मोदी की हत्या करने की धमकी देने तक का दुस्साहस किया गया।

किसान के नाम पर भारत विरोधी जमावाड़ा

 केंद्र सरकार तो इस पहलू को सामने लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करेगी, लेकिन राहुल गांधी ने चुप्पी क्यों साथ ली? वास्तविक अन्नदाता आज भी खेतों में है, जबकि दिल्ली में किसान के नाम पर भारत विरोधी जमावड़ा चल रहा है।

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