संसू, मढ़ौरा (छपरा) : हमने राम का विरोध कहां किया, हमने तो यह कहा कि हम राम को नहीं मानते हैं। हम तो बस प्रकृति को मानते हैं। भगवान हैं, इसमें कोई शक नहीं है। रामायण में बहुत अच्छी बातें कही गई हैं। जिसका हम सभी को अनुसरण करना चाहिए। मध्य प्रदेश में रामायण पढ़ाने की बात कही गई है। बिहार में भी रामायण पढ़ाई जाए तो मैं इस निर्णय का स्वागत करूंगा। ये बातें हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने मढ़ौरा के भावलपुर में एक निजी कार्यक्रम के दौरान कहीं। 

इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जातीय जनगणना को लेकर बिहार सरकार दृढ़ संकल्पित है। सर्वदलीय बैठक के बाद 11 सदस्यीय टीम प्रधानमंत्री से मिल चुकी है, जिसमें वह भी शामिल थे। कहा कि एनडीए सरकार मजबूत है और पांच वर्षों तक चलेगी। सरकार गिरने का कोई सवाल ही नहीं है। कुछ दूसरी पार्टी के नेता अपने कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के लिए ऐसा बोलते हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी अच्छी पहल है, लेकिन इससे शराब की अवैध बिक्री बढ़ी है। इससे ज्यादातर अधिकारियों को ही फायदा हुआ, गरीबों को नुकसान है। उन्हें काफी ज्यादा दाम देना पड़ता है, जिनका शराब चुलाई रोजगार है उन्हें दूसरा रोजगार मिले और वे शराब से तौबा करें। इसके लिए जागरूकता की जरूरत है। शराबबंदी के बाद लाखों लोग आधा-एक लीटर शराब के चलते जेल में बंद हैं। चिराग पासवान और तेजस्वी यादव के सवाल पर कहा कि चिराग एनडीए के हिस्सा रहे हैं, दोनों ही युवा हैं और यदि एक फ्रंट पर काम करना चाहते हैं तो किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

बयान पर भाजपा ने किया हमला

बता दें कि मांझी ने तीन दिन पहले ऐसा ही बयान दिया था, जिसपर बीजेपी ने हमला किया था। भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल तो यहां तक कह गए थे कि मांझी अगर राम को नहीं मानते तो अपने नाम के साथ राक्षस क्यों नहीं जोड़ लेते। वहीं विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने उनसे माफी मांगने तक की बात कही है। 

Edited By: Akshay Pandey