राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से आरंभ हो गया। इस बार एक नई परंपरा की शुरुआत हुई। सत्र का आरंभ राष्ट्रगान 'जन गण मन' से हुआ। विधानसभा सदस्यों के लिए यह अप्रत्याशित था। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने आते ही कहा कि सदन की कार्यवाही आरंभ होने के पहले हम सभी राष्ट्रगान के लिए खड़े होंगे। सभी लोग अपनी सीट से राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े हो गए। राष्ट्रगान का आडियो बजाया गया। अब तक केवल राज्यपाल के संबोधन के दौरान विधानसभा में बीएमपी के बैंड की धुन पर राष्ट्रगान हुआ करता था। यह उस समय होता है जब राज्यपाल दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित कर रहे होते हैं। पुराने विधायकों ने कहा कि यह उनके लिए पहला मौका था जब सदन की कार्यवाही के लिए राष्ट्रगान हुआ। इसके साथ ही सदन में भारत माता की जय और इंकलाब जिंदाबाद के भी नारे लगाए गए। 

  • - अब तक केवल राज्यपाल द्वारा संयुक्त सदन के संबोधन में थी व्यवस्था
  • - बैंड की जगह राष्ट्रगान का आडियो सदन के अंदर बजाया गया
  • - वंदे मातरम और इंकलाब जिंदाबाद के नारे भी लगे राष्ट्रगान के बाद

बिहार विधानसभा परिसर में राष्ट्रगान के समाप्त होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों ने भारत माता का जय का जयकार भी ऊंची आवाज में लगाया। भाकपा (माले) के विधायकों ने इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाया। इस दौरान अभिनेत्री कंगना रनौट का बयान भी चर्चा का विषय बना। किसी माननीय ने यह कहा कि आजादी का सम्मान यह है कि कोई इस देश में कह रहा कि आजादी में हमे 2014 में मिली। बात आगे बढ़ने के पहले ही विधानसभा अध्यक्ष ने शोक प्रकाश पढ़ना शुरू कर दिया। विदित हो कि कंगना रनौट ने एक टीवी चैनल से बात करने हुए कहा था कि 1947 में मिली आजादी भीख थी, असली आजादी तो 2014 में मिली है।

Edited By: Akshay Pandey