जागरण संवाददाता, छपरा : शहर के भगवान बाजार मोहल्ले के दो भाई जमीन व घर के लिए श्मशान घाट पर मां को अलग-अलग मुखाग्नि दिए। भगवान बाजार निवासी गीता देवी को अंतिम संस्कार के लिए रिविलगंज के सिमरिया घाट ले जाया गया। बड़े पुत्र सिंगेश्वर राय मां को मुखाग्नि देने पहुंचे। इसी बीच छोटे भाई दिनेश्वर राय भी उतरी पहनकर मां को मुखाग्नि देने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद श्मशान घाट पर दुविधा की स्थित हो गई। मुखाग्नि देने के लिए दोनों बेटे को तैयार देख श्मशान घाट पर मौजूद सभी लोग भौंचक रह गए। दोनों भाई पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इसी बीच बड़े भाई ने मुखाग्नि के लिए विधि-विधान से अग्नि ली। बड़े भाई के पीछे-पीछे छोटे भाई ने भी पूरे विधि-विधान के साथ अग्नि ली। बड़े भाई के मुखाग्नि देने के बाद छोटे भाई ने भी मुखाग्नि दी। 

बड़े बेटे के साथ रहती थी मां गीता देवी

इंद्र देव राय की पत्नी गीता देवी बड़े बेटे सिंगेश्वर राय के साथ रहती थी। पति पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। उनको पेंशन मिलती थी। उसको लेकर भी दोनों भाइयों में विवाद चलता था। मां की मृत्यु के बाद छोटे बेटे को लगा कि सारी संपत्ति बड़ा भाई हड़प लेगा, इसलिए उसको भी मुखाग्नि देनी चाहिए, ताकि उसकी बराबर की हिस्सेदारी की दावेदारी मजबूत बनी रहे। 

संपत्ति बंटवारे को लेकर दोनों भाइयों में चल रहा विवाद

दोनों भाइयों के पास पुश्तैनी जमीन के नाम पर शहर में घर एवं रिविलगंज में करीब चार बीघा जमीन है। पूर्व में छोटे भाई द्वारा मां से बख्शीशनामा लिखवा लिया गया था। मां को गांव पर अकेले छोड़े जाने के बाद बड़ा बेटा सिंगेश्वर उन्हें छपरा शहर स्थित घर लाए और अपने साथ रखने लगे। कुछ दिनों बाद गीता देवी ने अपने बख्शीशनामे को गलत साबित करते हुए कोर्ट में रिट दायर कर दी। उसमें उनके द्वारा बताया गया है कि वह जाली कागजात है। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 

Edited By: Akshay Pandey