पटना में गंगा-पुनपुन का जलस्तर घटा, फिर भी मंडरा रहा खतरा; दीघा और गांधी घाट पर खतरे के निशान ऊपर बह रही नदी
गंगा और पुनपुन नदियों का जलस्तर घटने के बावजूद पटना जिले में बाढ़ का खतरा बरकरार है, क्योंकि दोनों नदियां खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं।

पटना में गंगा-पुनपुन का जलस्तर घटा (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
गंगा-पुनपुन का जलस्तर घटा, फिर भी खतरे के निशान से ऊपर।
दरधा नदी कुछ क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से चिंता का विषय।
बाढ़ में डूबने से दो लोगों की मौत, प्रशासन की निगरानी जारी।
जागरण संवाददाता, पटना। गंगा और पुनपुन के जलस्तर में सोमवार को कमी दर्ज की गई, लेकिन पटना जिले में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। गंगा के दीघा और गांधी घाट पर जलस्तर घटा है, इसके बावजूद दोनों जगह नदी खतरे के निशान से एक से डेढ़ मीटर से अधिक ऊपर बह रही है।
पुनपुन नदी के श्रीपालपुर में भी जलस्तर में तेजी से कमी आई है। दूसरी ओर, दरधा नदी कुछ इलाकों में चिंता बढ़ा रही है। धनरुआ के कोल्हाचक और वीर में नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
नदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर
रविवार रात 10 बजे से सोमवार दोपहर दो बजे के बीच दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 51.86 मीटर से घटकर 51.70 मीटर हो गया। इस दौरान 16 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। इसके बावजूद यहां नदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर बह रही थी।
गांधी घाट पर भी इसी अवधि में जलस्तर 50.48 मीटर से घटकर 50.36 मीटर हो गया। यहां 12 सेंटीमीटर की कमी के बाद भी गंगा खतरे के निशान से 1.76 मीटर ऊपर थी।
मनेर में सोमवार दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 53.49 मीटर दर्ज किया गया। यहां नदी खतरे के निशान 52 मीटर से 1.49 मीटर ऊपर बह रही थी। हाथीदह में भी जलस्तर में मामूली कमी आई। सुबह छह बजे 43.52 मीटर दर्ज जलस्तर दोपहर दो बजे 43.48 मीटर हो गया।
पुनपुन में 11 घंटे में 1.31 मीटर की कमी
श्रीपालपुर में पुनपुन नदी का जलस्तर सोमवार सुबह 53.47 मीटर था, जो शाम सात बजे घटकर 52.16 मीटर हो गया। यानी 11 घंटे में जलस्तर में 1.31 मीटर की कमी आई। इसके बावजूद नदी खतरे के निशान से 1.56 मीटर ऊपर बह रही थी। यहां जलस्तर घटने की प्रवृत्ति बनी हुई है। गंगा और पुनपुन का पानी घटने के बीच दरधा नदी की स्थिति चिंता बढ़ा रही है।
धनरुआ प्रखंड के कोल्हाचक में दरधा का जलस्तर खतरे के निशान से 2.45 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां भी नदी का जलस्तर घट रहा है। वहीं वीर में दरधा खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही है और यहां जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है।
डाउनस्ट्रीम में बढ़ रहा पानी
जिला प्रशासन के अनुसार गंगा के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। ऐसे में पटना में गंगा का जलस्तर फिलहाल घटने के बावजूद दबाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है। जिले में अलग-अलग नदियों की स्थिति भी एक जैसी नहीं है।
कुछ स्थानों पर जलस्तर घट रहा है तो कुछ जगहों पर बढ़ोतरी जारी है। इसलिए प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी अभी जारी है। जलस्तर घटने के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हादसे जारी हैं।
फतुहा प्रखंड के सुल्तानपुर गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से 18 वर्षीय वीरू कुमार की मौत हो गई। वहीं मनेर के दुधैला गांव में बाढ़ के पानी में डूबे 54 वर्षीय मंटू कुमार का शव बरामद किया गया। बाढ़ राहत की मांग को लेकर भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को फतुहा प्रखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
तीन नदियों का दबाव
- गंगा— दीघा और गांधी घाट पर पानी घटा, लेकिन खतरे के निशान से काफी ऊपर। मनेर में गंगा का जलस्तर 53.49 मीटर, खतरे के निशान से 1.49 मीटर ऊपर।
- पुनपुन— श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 1.56 मीटर ऊपर, प्रवृत्ति घटने की।
- दरधा— कोल्हाचक में 2.45 मीटर ऊपर, पानी घट रहा। वीर में 1.30 मीटर ऊपर, पानी बढ़ रहा।
