पटना [जागरण टीम]। राज्य में बाढ़ अब 16 जिलों में फैल गई है और 98 लाख लोग इस पानी में घिरे बेहद परेशान हैं। पूरे राज्य में 230 लोगों की मौत की खबर है। सरकार का दावा है कि गुरुवार तक बाढ़ की वजह से सिर्फ 119 लोगों की मौत हुई है।

वहीं सीमांचल, पूर्व बिहार और कोसी क्षेत्र में अब तक 131 लोगों की मरने की सूचना है। गुरुवार को उत्तर बिहार के जिलों में 20 लोगों की मौत बाढ़ की वजह से हो गई। मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में अब तक 94 लोगों की मौत हो चुकी है।  

 

गोपालगंज, वैशाली और छपरा में नए इलाके बाढ़ के पानी से घिरे तो कुछ प्रभावित जिलों में अब पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को गोपालगंज, बगहा, बेतिया, रक्सौल तथा मोतिहारी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। 

 

अगले सात दिनों तक नहीं होगी बारिश, स्थिति सुधरेगी 

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान से मिले पूर्वानुमान के अनुसार अगले सात दिनों तक उत्तर बिहार के जिलों में बारिश के आसार नहीं है। कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश होगी। दक्षिण बिहार के जिलों के बारे में भी यही पूर्वानुमान है। बारिश नहीं हुई तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सुधरेगी। 

 

 

3.59 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला गया 

प्रत्यय अमृत ने बताया कि बाढ़ प्रभावित 3.59 लाख लोगों को अब तक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व सेना के जवानों ने बाढ़ से बाहर निकाला है। कुल 3.19 लाख लोगों को राहत शिविर में भोजन कराया जा रहा हैै। राहत शिविरों के अतिरिक्त 1112 जगहों पर बाढ़ पीडि़तों के लिए कम्युनिटी किचेन शुरू किया गया है।

 

 

कटिहार से बारसोई के बीच जितने रेलवे स्टेशन हैं, उन सभी यह व्यवस्था की गई है। सभी लाइन होटलों पर, आंगनबाड़ी केंद्र और जीविका केंद्रों पर यह व्यवस्था आरंभ की गयी है। बाढ़ पीडि़तों को कच्चे राशन का पैकेट दिया जाना भी शुरू किया गया है, जिसमें पांच किलो चावल, एक किलो दाल, दो किलो आलू, आधा किलो नमक और हल्दी दिए जा रहे हैैं।

 

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने बताया कि विभाग ने यह तय किया है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध निजी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी की सेवा ले ली जाए। सरकार के स्तर पर इनका भुगतान किया जाएगा। पटना व अन्य जगहों से 20 डॉक्टर सीतामढ़ी व दस पूर्णिया भेजे गए हैं।

 

 

हर स्वास्थ्य केंद्रों में सांप काटने पर दी जाने वाली दवा व डायरिया के इलाज की व्यवस्था भी उपलब्ध है। एनडीआरएफ की टीम के साथ भी डॉक्टरों को भेजा जा रहा है।

 

पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल का हाल

इन इलाकों में बाढ़ के कारण अबतक 131 लोगों के डूबने की सूचना है। गुरुवार को भी सात लोग डूब गए। इनमें से सहरसा में दो, मधेपुरा में चार, कटिहार में एक और पूर्णिया में एक मौत हुई है। बाढ़ से घिरे गांवों में परेशानी बरकरार है। कटिहार और पूर्णिया जिले में सेना ने मोर्चा संभाला हुआ है। प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर से फूड पैकेट गिराए जा रहे हैं। अधिकांश नदियां अभी स्थिर हैं, लेकिन उफान की आशंका से लोग दहशत में हैं। 

 

उत्तर बिहार में बाढ़ का कहर जारी है

उत्तर बिहार में  नदियों के जलस्तर में कमी के बाद भी लाखों आबादी त्रासदी झेलने को मजबूर है। गुरुवार को बाढ़ के पानी में डूबने से 16 लोगों की मौत हो गई। इनमें पूर्वी चंपारण के सात, मधुबनी के दो, समस्तीपुर के एक और सीतामढ़ी के चार लोग शामिल हैं।

 

 

पश्चिम चंपारण में स्थिति यथावत है। पांचवें दिन भी मुजफ्फपुर-बेतिया -गोरखपुर रेलखंड पर रेल यातायात ठप रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद नगर भवन में राहत सामग्री की जानकारी ली। बन रहे पैकेट को भी देखा। 

 

गोपालगंज में स्थिति खराब 

गुरुवार को गोपालगंज जिले में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। बुधवार को सिधवलिया प्रखंड के सदौवा गांव के समीप सारण मुख्य तटबंध टूटने के बाद एनएच-28 को पार कर पानी गांवों और खेतों को डुबोते हुए बढ़ रहा है। एनएच पर तीन फिट पानी से प्रशासन ने हाईवे पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है।

 

जिला मुख्यालय का यूपी समेत आसपास के जिलों से संपर्क भंग हो गया है। जिले के 174 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। तीन लोगों की मौत भी बाढ़ से हो गई है। सारण में वाल्मिकी नगर बराज से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है।

 

चार प्रखंडों में बाढ़ से 18000 की आबादी प्रभावित है। बाढ़ के पानी में डूबने से जिले में दो की मौत हो गई है। सिवान में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वैशाली में बुधवार की शाम गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि से तटीय इलाके में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। दो सौ परिवार बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं।

Posted By: Kajal Kumari

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