पटना [जागरण टीम]। बिहार में भारी बारिश के बाद जलजमाव और बाढ़ की वजह से नारकीय जीवन जी रहे लोगों को अभी राहत नहीं मिल पा रही है। पीडि़तों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन भले ही पूरी ताकत से लगा हो, लेकिन तीन दिन बाद भी स्थितियां जस की तस बनी हुई हैं। सबसे बुरी स्थिति भागलपुर और पटना की है। भागलपुर के 265 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। पटना नगर के जल-जमाव वाले इलाकों में तो अब महामारी का खतरा मंडराता दिख रहा है। पांच दिनों के बाद भी पटना के कई इलाकों में पांच-पांच फीट पानी बह रहा है। बिहार में अब तक 73 लोगों की मौत हो गई है। वहीं गुरुवार और शुक्रवार के लिए एक बार फिर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसे लेकर पटना के लोगों की धड़कनें फिर बढ़ गई हैं। खास बात कि सारण में बाढ़ के पानी में मगरमच्‍छ दिखा।  

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भारी बारिश, बाढ़ व जल-जमाव की आपदा की चपेट में बिहार के 97 प्रखंडों के 786 गांवों की 17.09 लाख आबादी आई है। पटना, भागलपुर, भोजपुर, नवादा, नालंदा, खगडिय़ा, समस्तीपुर, लखीसराय, बेगूसराय, वैशाली, बक्सर, कटिहार, जहानाबाद, अरवल और दरभंगा मुख्य रूप से प्रभावित हुए हैं। अभी भी दरभंगा-समस्‍तीपुर के बीच रेल परिचालन शुरू नहीं हुआ है। इससे मधुबनी व दरभंगा के लोग ट्रेनों के माध्‍यम से पटना आने से वंचित हैं। 

बदतर होती जा रही है स्थिति

पांच दिन बाद भी पटना के राजेंद्रनगर और आसपास के इलाकों में पांच फीट पानी जमा है। बड़े-बड़े पंप लगाने के बाद कुछ इलाकों का पानी घट रहा लेकिन राजेंद्रनगर में स्थिति बदतर होती जा रही। शहरी इलाके बहादुरपुर में पानी में डूबकर एक युवक की मौत हो गई जबकि राजेंद्रनगर में रेस्क्यू टीम ने घर से वृद्ध महिला को मृत हालत में निकाला। मोहल्लों में वृद्ध और लाचार लोग किस हालत में हैं, इसका पता तो तब ही चल पाएगा, जब पानी पूरी तरह से निकलेगा। 

पुनपुन अभी खतरे के निशान से ऊपर

जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य चला रहा है लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लोग इसकी पहुंच से बाहर हैं। गुवाहाटी से भी एनडीआरएफ की चार टीम को बिहार में प्रतिनियुक्त किया गया है। उधर, पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। जलस्तर 53.46 मीटर है, जो खतरे के निशान से ढाई मीटर अधिक है। बुधवार को पुनपुन का ङ्क्षरग बांध तीन जगह और टूट गया जिससे मुख्य बाजार में पानी घुस गया। 

सारण में नहर में दिखा मगरमच्छ, वन विभाग की टीम पहुंची 

परशुरामपुर के धोबही में बुधवार को नहर में गंडक नदी से आठ फीट लंबा मगरमच्छ आ गया। ग्रामीणों को पता चला तो हड़कंप मच गया। इसकी सूचना सांसद राजीव प्रताप रुडी को कंट्रोल रूम के माध्यम से दी गई। रुडी ने वन विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई करने को कहा। छपरा, और मुजफ्फरपुर के वन्य अधिकारियों की टीम मगरमच्छ को पकडऩे धोबही पहुंच गई है। नहर के पचरौर गेट को बंद करवा दिया गया है ताकि पानी कम होने पर मगरमच्छ को पकड़ा जा सके। 

अन्य जिलों में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर, अब तक 73 मरे

पटना के अलावा भागलपुर, भोजपुर, नवादा, नालंदा, खगडिय़ा, समस्तीपुर, लखीसराय, बेगूसराय, वैशाली, बक्सर, कटिहार, जहानाबाद, अरवल और दरभंगा में स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। इन क्षेत्रों में 21.45 लाख की आबादी अब तक बाढ़ और जलजमाव में फंसी हुई है। अब तक 73 लोगों की जान गई है। 

पटना में आज 21157 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने कहा कि पटना के अलग-अलग इलाके में जलजमाव में फंसे 21157 लोगों को बुधवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अब तक कुल 69752 लोगों को जलजमाव क्षेत्र से बाहर निकाला गया है। पटना में बुधवार को हेलिकॉप्टर ने 7500 फूड पैकेट गिराए हैं। 

- पटना में जल-जमाव के खिलाफ अगमकुआं के नंदलाल छपरा के पास लोगों का गुस्‍सा फूट पड़ा है। लोगों ने सड़कों को जाम कर दिया है। वे वहां आगजनी कर रहे हैं।

- पाटलिपुत्र इलाके में भी जनाक्रोश दिख रहा है। वहां लोग नगर निगम को फेल बता रहे हैं। अल्‍पना मार्केट इलाके के लोगों ने बताया कि वे अपने स्‍तर से जल निकासी करा रहे हैं।

- पटना के गांधी मैदान से पानी निकालने के बाद वहां दशहरा के रावण वध की हो रही तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।

पटना में स्कूल-कॉलेज अब दुर्गापूजा तक बंद किए गए

शहर में जलजमाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों और कोचिंगों को दुर्गापूजा तक बंद करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का दावा है कि पुनपुन पर बना मुख्य बांध सुरक्षित है जिससे पटना पर बाढ़ का खतरा नहीं है। 

सड़ रहा पानी, बदबू से लोग परेशान, बीमारी की आशंका

पटना के शहरी इलाके राजेंद्रनगर, बाजार समिति और सैदपुर के कई इलाकों में पांचवें दिन भी पांच फीट तक पानी जमा है। पानी सडऩे लगा है। बदबू से लोग परेशान हैं। अब बीमारियों का खतरा भी लोगों को परेशान करने लगा है। बारिश पटना नगर निगम की 75 टीमों को फॉगिंग और ब्लीचिंग के छिड़काव के काम में लगाया गया है। जल जमाव वाले क्षेत्रों में पूजा पंडालों में भी चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं। 

60 घंटे में निकल पाया पाया दो से ढाई फीट पानी 

60 घंटे होने को हैं, मगर शहरी इलाकों में पानी अधिकतम दो से ढाई फीट ही निकल सका है। पाटलिपुत्र कॉलोनी और राजीवनगर में भी तीन से चार फीट तक पानी है। यह हाल तब है, जब राज्य सरकार ने झारखंड और छत्तीसगढ़ से आधा दर्जन से अधिक डिवाटङ्क्षरग मशीनें मंगाई हैं। प्रशासन का दावा है कि इन पंपों की मदद से एक मिनट में एक हजार गैलन पानी निकाला जा रहा है। 

पटना के अति जल जमाव प्रभावित राजेंद्र नगर व कंकड़बाग आदि इलाकों में पांच दिनों से सड़ते पानी में अब बदबू असहनीय हो गई है। सड़ते पानी में मरे जनवर भी सड़ रहे हैं। इससे महामारी की आशंका पैदा हो गई है। एहतियातन नगर निगम ने फॉगिंग शुरू कर दी है।

नालंदा में सगे भाई समेत छह डूबे

नालंदा जिले में सर्वाधिक छह लोगों के डूबने के मामले सामने आए हैं। तीन के शव बरामद कर लिए गए हैं जबकि तीन लापता हैं। वहीं आरा, बक्सर, सिवान और बेगूसराय में डूबने से एक-एक की मौत हो गई। नालंदा जिले में बुधवार को एकंगरसराय, ङ्क्षबद व बिहारशरीफ प्रखंड में छह लोग डूब गए। 

गया में नदियों में डूबने से दो बच्चे समेत चार की मौत

गया के वजीरगंज और अतरी प्रखंड में नदियों में डूबने से चार लोगों की मौत हो गई। इनमें एक ही परिवार के महिला और दो बच्चे शामिल हैं।

19 राहत शिविर खोले गए, 1130 नावों से राहत की कोशिश

आपदा में फंसे लोगों की मदद के लिए 19 राहत शिविर, 226 सामुदायिक रसोई, 1130 नावों को काम पर लगाया गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के बताते हैं कि 27 से 29 सितंबर के बीच राज्य में औसतन कुल 207.6 मिमी बारिश बारिश हुई है। अकेले पटना जिले में इस अवधि में 255 मिमी और पटना शहर में 342.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने कहा है कि मंगलवार की रात से शहर में जमा पानी निकालने के काम में और तेजी आएगी। तीन पंप सेट बिलासपुर से लाए गए हैं जो आज रात से जलजमाव वाले क्षेत्र से पानी निकालने का काम शुरू कर देंगे।

कटिहार-मधेपुरा में बाढ़ से परेशानी बरकरार 

कोसी-सीमांचल के कटिहार और मधेपुरा जिले में बाढ़ से परेशानी बरकरार है। पिछले दिनों लगातार हुई बारिश के कारण नदियों का पानी गांवों में घुस गया है। इसी बीच, सहरसा में दो अलग-अलग घटनाओं में डूबकर दो लोगों की मौत हुई है। मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड के झलाड़ी गांव के पास एनएच 106 के ऊपर वर्षा और नहर का पानी डेढ़ फीट तक बह रहा है। उदाकिशुनगंज प्रखंड के हरैली गांव से गुजरने वाली कोसी की सहायक नदी के उफान से फनहन गांव के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस आया है।

वैसे क्षेत्र जहां सबसे ज्यादा लोग फंसे हैं

भागलपुर - 232680

कटिहार - 218576

खगडिय़ा - 152650

पटना - 187925

बेगूसराय - 167000

समस्तीपुर - 122300

सारण - 161376

दरभंगा -150000

भोजपुर - 100000

Posted By: Amit Alok

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