पटना । शहर को हॉर्न फ्री बनाने के लिए परिवहन विभाग ने नई कवायद आरंभ कर दी है। बस में सफर करने वाले यात्री इससे अवगत होंगे। परिवहन निगम की बसों में प्रेशर हॉर्न और सड़क सुरक्षा जागरूकता से संबंधित कई तरह के स्टीकर लगाए गए हैं। बेवजह हॉर्न बजाने पर पहली बार में 1000 और दूसरे बार में 2000 तक दंड लगाया जाएगा।

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि शहर को हॉर्न फ्री बनाने के लिए विशेष अभियान के तहत यह किया जा रहा है। अस्पतालों के पास विशेष रूप से अभियान चलाया जाएगा। वाहनों में लगे प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर कार्रवाई के साथ साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। बसों में लगे स्टीकर के माध्यम से नो हॉर्न की अपील की गई है। लोग वेवजह हॉर्न न बजाएं। हॉर्न से न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण फैलता है बल्कि चिड़चिड़ापन, विशेष रूप से रोगियों, वृद्धों और गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करता है, इस तरह की जानकारी दी गई है। बेवजह शोर मनुष्यों के साथ साथ जानवरों और पेड़ पौधों के भी जीवन को प्रभावित करता है। उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 120 (2) एवं पर्यावरण (संरक्षण) नियमावली1986 के तहत निर्धारित मानक स्तर से अधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले प्रेशर हार्न व मल्टी ट्यूंड हॉर्न का वाहनों में उपयोग किया जाना केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली के तहत प्रतिबंधित है।

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Posted By: Jagran

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