राज्य ब्यूरो, पटना : नगर निकाय चुनाव में अति पिछड़े के आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार द्वारा कराए जा रहे ट्रिपल टेस्ट की लड़ाई थम नहीं रही है। भाजपा के सामाजिक न्याय समिति ने गुरुवार को अति पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष नवीन आर्या को ज्ञापन सौंप कई बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट किया।

गलत ढंग से सवर्ण मुस्लिम जातियों को शामिल किया गया

समिति के प्रतिनिधि मंडल की मांग है कि पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग की सूची में गलत ढंग से सवर्ण मुस्लिम जातियों को शामिल किया गया है। अति पिछड़ों के हित में सूची से ऐसी जातियों को बाहर किया जाए। भाजपा मुंगेरीलाल आयोग और जननायक कर्पूरी ठाकुर की सूचियों को मान्यता देती है।

कटौतियों की ओर ध्यान आकृष्ट करना चाहते

ऐसे उच्च वर्ग की मुस्लिम जातियों के शामिल कर लिए जाने के फलस्वरूप वास्तविक पिछड़ी तथा अत्यन्त पिछड़ी जातियों के अधिकारों में हो रही कटौतियों की ओर ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं। ऐसी जातियों को आरक्षण का लाभ दिया जाना सामाजिक न्याय की अवधारणा के विरुद्ध है। इन अपात्र जातियों को राजनीतिक कारणों तथा निहित स्वार्थवश सूचियों में शामिल किया गया है।

सूचियों से बाहर किया जाना आवश्यक है

अपात्र उच्चवर्ग की मुस्लिम जातियों की पहचान कर सूचियों से बाहर किया जाना आवश्यक है, ताकि वास्तविक हकदारों को उनका हक मिल सके। मुख्य रूप से उच्चवर्ग के लिए मुसलमानों में सेखड़ा, ठकुराई, कुल्हैया, शेरशाहबादी, सुरजापुरी और मलिक आदि हैं।

कार्यालय जाकर अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा

समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री डा. भीम सिंह के साथ सामाजिक न्याय समिति के सदस्य एवं सांसद अजय निषाद, राज्यसभा सदस्य शंभू शरण पटेल, सुपौल भाजपा के जिलाध्यक्ष राम कुमार राय, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अशोक भट्ट और राकेश कुमार सिंह ने प्रतिनिधि मंडल के तौर पर अतिपिछड़ा वर्ग आयोग एवं पिछड़ा वर्ग आयोग कार्यालय जाकर अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।

Edited By: Akshay Pandey

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