पटना, प्रशांत कुमार। न्यू बाईपास रोड पर पटना सेंट्रल स्कूल के पास शहीद हुए सिपाही मुकेश की हत्या करने वाले अपराधियों पर पुलिस ने 11 गोलियां दागी थीं। बदमाशों की पिस्टल का जवाब पुलिस ने एके-47 से दिया था, लेकिन एक भी गोली अपराधियों को नहीं लगी। जबकि, बदमाशों ने सिर्फ चार गोलियां चलाईं जिनमें से दो गोली सिपाही मुकेश कुमार को लगी और वह शहीद हो गए। पुलिस ने खुद इसका जिक्र घटना से जुड़ी प्राथमिकी में किया है। 

विशेष कार्य दल के दारोगा अक्षयवर सिंह के लिखित आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अपराधियों के हमला बोलने पर उन्होंने अपनी सरकारी पिस्टल से दो राउंड फायरिंग की। उनके अलावा दारोगा दीपक कुमार और सिपाही महाशक्ति सिंह ने भी दो-दो राउंड गोलियां चलाईं।

एके-47 रायफल से लैस सिपाही धनंजय कुमार, जितेंद्र कुमार पांडेय और मधेश्वर सिंह ने एक-एक एवं शंभू कुमार ने दो राउंड फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में अपराधी भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए। इसी अफरा-तफरी में पकड़ा गया बदमाश उज्ज्वल भी भाग निकला।

प्राथमिकी के साथ संलग्न जब्ती सूचना में 7.65 एमएम बोर के चार, नाइन एमएम के छह और एके-47 के पांच खोखे बरामद हुए। पुलिसकर्मियों ने जितनी गोलियां चलाई थीं, उतने खोखे बरामद हो गए। इस संबंध में कंकड़बाग थाने में दर्ज कांड संख्या 1143/18 का अनुसंधानकर्ता दारोगा अनिल कुमार को बनाया गया है।

सूचना के डेढ़ घटना बाद तक मौजूद था उज्ज्वल

प्राथमिकी के मुताबिक, दोपहर चार बजे जानीपुर के एक हत्याकांड में वांछित उज्ज्वल के बाईपास पर पटना सेंट्रल स्कूल के आसपास देखे जाने की सूचना मिली। पता चला कि वह साथियों के साथ अपराध की साजिश रच रहा है। इसकी जानकारी वरीय पदाधिकारी को दी गई।

उनके निर्देश पर पुलिस टीम शाम 4:30 बजे उसे पकडऩे के लिए रवाना हो गई। मीठापुर बस स्टैंड से आगे बढऩे के बाद टीम ने इलाके की घेराबंदी करने के लिए कंकड़बाग और रामकृष्ण नगर थाने को सूचना दी। शाम 5:20 बजे टीम जैसे ही स्कूल के पास पहुंची, उज्ज्वल अपने साथियों के साथ नजर आया। उस वक्त काफी भीड़ थी।

दो दारोगा लेकर जा रहे थे गाड़ी में बैठाने

घेराबंदी कर सिपाही महाशक्ति सिंह ने राजकमल और सिपाही मुकेश कुमार ने उज्ज्वल को पकड़ लिया था। इसके बाद दारोगा अक्षयवर और दीपक दोनों को गाड़ी में बिठाने जा रहे थे। तभी भीड़ में छिपे उज्ज्वल के साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें मुकेश घायल हो गए पर उन्होंने उज्ज्वल को नहीं छोड़ा। गोलीबारी शुरू होने पर टीम के सदस्य चिल्लाकर बोले कि हम पुलिस वाले हैं।

फायरिंग मत करो और आत्मसमर्पण करो लेकिन वे गोलियां झोंकते रहे। बदमाशों ने चिल्ला कर कहा कि हमारे पकड़े गए साथियों को छोड़ दो नहीं तो तुम सभी को मारेंगे और हथियार भी छीन लेंगे। सड़क पर भीड़ होने के कारण जान-माल और हथियार की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों ने संयमित व नियंत्रित होकर गोलियां चलाई।

Posted By: Kajal Kumari