यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार में मनरेगा से बढ़ी उम्मीदें, गोपालगंज में 40 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार
वर्तमान वित्तीय वर्ष में पूरे जिले में मनरेगा के तहत 40 हजार से अधिक लोगों को काम उपलब्ध कराया गया ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गोपालगंज : इस साल कोरोना काल की शुरुआत के बाद मनरेगा की योजनाएं कामगारों के लिए मददगार बनकर सामने आई हैॆ। वर्तमान वित्तीय वर्ष में पूरे जिले में मनरेगा के तहत 40 हजार से अधिक लोगों को काम उपलब्ध कराया गया है। ताकि कामगारों को आर्थिक समस्याएं नहीं झेलनी पड़े। इसके लिए पूरे जिले में छह हजार से अधिक छोटी-बड़ी योजनाओं पर काम प्रारंभ किया गया है। इनमें तालाबों के जीर्णोद्धार से लेकर पोखर, खाड़, पईन आदि की सफाई काम शामिल है। मार्च माह के अंतिम सप्ताह के बाद में पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर प्रारंभ हो गई थी। अप्रैल माह के बाद कोरोना तेजी से बढऩे के बाद दूसरे प्रांत में काम करने वाले लोगों के घर लौटने का सिलसिला प्रारंभ हो गया।
कोरोना काल में मनरेगा की योजनाओं पर काम बदस्तुर जारी रहा। ऐसे में वर्तमान वित्तीय वर्ष की शुरुआत के बाद से ही मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य तेज कर दिया गया। इसके तहत जिले के सभी 14 प्रखंडों में एक साथ मनरेगा के तहत योजनाएं प्रारंभ की गईं। इन योजनाओं में पूर्व से चिन्हित तालाबों के जीर्णोद्धार के अलावा खाड़ व पईन आदि की सफाई का कार्य सबसे महत्वपूर्ण रहा। इस काम में सबसे अधिक मजदूरों को लगाया गया। वर्तमान समय में कोरोना का कहर कम होने के बाद मनरेगा की पूर्व से चिन्हित योजनाओं को गति मिली है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रारंभ की गई योजनाओं में 60 से अधिक पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के अलावा 171 पईन की सफाई व करीब सवा दो सौ छोटे पोखर की सफाई का काम शामिल रहा है। इसके अलावा कई अन्य काम में भी मजदूरों को लगाया गया। इसका असर अब दिखने लगा है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में अबतक 40,507 लोगों को काम उपलब्ध कराया गया है।
रोजगार मांगने वालों को दिया जाएगा काम
उप विकास आयुक्त अभिषेक रंजन ने बताया कि वर्तमान समय में पूरे जिले में 40 हजार से अधिक लोगों को मनरेगा के तहत काम उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले के 234 पंचायतों में से करीब आधे पंचायतों में पूर्व से स्वीकृत योजनाओं का काम मनरेगा के तहत किया जा रहा है। मनरेगा के आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान वित्तीय वर्ष से सबसे अधिक 41 से 50 वर्ष आयु वर्ग के मजदूरों को काम मिला है। इस वर्ग में करीब दस हजार लोगों को काम उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार 31 से 40 वर्ष आयु वर्ग के नौ हजार से अधिक लोगों को काम उपलब्ध कराया गया है।
किस प्रखंड में कितने लोगों को मिला काम
प्रखंड जिन्हें मिला काम
बैकुंठपुर 5300
बरौली 2647
भोरे 2153
विजयीपुर 1950
गोपालगंज 2463
हथुआ 3050
कटेया 3091
कुचायकोट 5715
मांझा 3813
पंचदेवरी 2374
फुलवरिया 1386
सिधवलिया 1873
थावे 1624
उचकागांव 3068
कुल 40,507
