- इन एप का क्रेज : एक्सट्रा मा‌र्क्स एप, टॉपर एप, स्टडी एप, माई स्टडी एप, स्टडी म्यूजिक एप

- ऑनलाइन क्लास से दूर हो रही परीक्षा की टेंशन

- जटिल सवालों के हल मुफ्त में बता रहे एंड्रायड एप

------------

टेंशन फ्री होकर करें पढ़ाई

जरूरी नहीं कि दिनभर पढ़ते ही रहें

समय पर खाना और सोना भी जरूरी

थोड़ी देर ही सही खेल के लिए निकलें बाहर

देर रात की बजाय सुबह पढ़ना ज्यादा फायदेमंद

पढ़ चुके चैप्टर को दोहराना जरूरी

छूट रहे सवालों के लिए अलग से दें समय

------------

पटना। बोरिग रोड के रहने वाले आरव अपने बोर्ड की परीक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं। उन्हें दसवीं की परीक्षा देनी है और उस परीक्षा में अच्छे नंबर भी लाने हैं। इसलिए इस समय वह सारा समय पढ़ाई पर दे रहे हैं। वह बताते हैं कि परीक्षा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, अच्छे नंबर लाने का टेंशन बढ़ता जा रहा है। राजापुल की नंदनी की भी हालत कुछ ऐसी ही है। वह बताती है कि एग्जाम की तैयारी पूरी होने के बाद भी पता नहीं क्यों बहुत तनाव हो रहा है। साइंस और मैथ के कुछ चैप्टर हैं जो परीक्षा की तैयारी में बहुत तनाव दे रहे हैं। राजधानी के कई सारे स्टूडेंट्स हैं, जिन्हें एग्जाम के अलावा अभी कुछ नजर नहीं आ रहा है। रिवीजन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सिलेबस कंप्लीट हो चुका है, फिर भी कुछ सवाल अचानक उन्हें परेशान करने लगते हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स ग्रुप में स्टडी कर रहे हैं या फिर एप का सहारा ले रहे हैं। एप की हेल्प से परीक्षा की तैयारी

पढ़ाई की टेंशन इतनी है कि स्टूडेंट्स अपने एग्जाम के आखिरी समय में एप का सहारा ले रहे हैं। कोई शब्दकोष का सहारा ले रहा है, तो कोई एप के माध्यम से सैंपल पेपर सॉल्व कर रहा है। गांधी मैदान के हर्ष बताते हैं कि एग्जाम के कुछ ही दिन बच्चे हुए हैं। इसको लेकर टेंशन ज्यादा हो रही है। अब इस ऐन मौके पर एप से बहुत सारी मदद मिल रही है। जैसे एक्सट्रा मा‌र्क्स एप, टॉपर एप, स्टडी एप, माई स्टडी एप, स्टडी म्यूजिक एप के माध्यम से हमें ये पता चल जा रहा है कि हमें किस तरह से पढ़ाई करनी है, ताकि परीक्षा में नंबर अच्छे मिल सकें। बोरिग रोड की स्वाति बताती हैं कि कुछ एजुकेशन एप ऐसे हैं जो हमें शिक्षकों की तरह समझाते भी और परीक्षा के लिए तैयार भी करते हैं। हमें जिन सवालों को लेकर परेशानी होती है, उसे एप के माध्यम से सॉल्व कर लेते हैं। वहीं बच्चों के माता-पिता का कहना है कि परीक्षा के समय अकसर बच्चे प्रेशर में आ जाते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर कुछ ऐसे एप हैं जो बच्चों की पढ़ाई में शिक्षकों की तरह मदद कर रहे हैं। ग्रुप स्टडी से मिल रही राहत :

फरवरी महीने में ही दसवीं और 12वीं की परीक्षा शुरू होने वाली है। ऐसे में एग्जाम देने वाले स्टूडेंट अपने सिलेबस को खत्म करने के बाद ग्रुप स्टडी पर जोर दे रहे हैं। उनकी पढ़ाई करने का अंदाज पहले से थोड़ा चेंज हो गया है। वे अपने दोस्तों के साथ सब्जेक्ट को रिवाइज कर रहे हैं। साथ ही किसी भी सब्जेक्ट में कोई परेशानी होती है तो उसे डिस्कस कर के सॉल्व भी कर रहे हैं। इससे उनकी टेंशन भी कम हो रही है साथ में वो सिलेबस को सही तरीके से रिवाइज भी कर पा रहे हैं। नागेश्वर कॉलोनी की श्रेया एक हफ्ते पहले से ही अपने दोस्तों के साथ मिलकर घर में अपने ग्रुप स्टडी कर रही हैं। वह बताती हैं कि अब सभी विषयों पर हमारी पकड़ हो रही है। जहां पर कोई परेशानी होती है हम सब दोस्त मिलकर सॉल्व कर रहे हैं। रिविजन भी हो जाता है और पढ़ाई में मन भी लगता है। बड़ों की भी ले रहे मदद :

परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के लिए बच्चे एप और ग्रुप स्टडी के साथ ही अपने बड़ों की भी मदद ले रहे हैं। घर के बड़े-बुजर्ग ने भी बच्चों के लिए खास टाइम निकाल रखा है। वे उनके साथ रात-रात भर जग रहे हैं और साथ में परेशानियों का निदान खोज रहे हैं। आठ घंटे तक हो रही है पढ़ाई :

अब स्टूडेंट स्टडी लीव की वजह से स्कूल नहीं जा पा रहे। इसलिए घर में उन्हें पढ़ने का अच्छा खासा टाइम मिल रहा है। परीक्षा को लेकर छात्रों का कहना है कि ट्यूशन और कोचिंग के अलावा सेल्फ स्टडी के लिए आठ घंटे टाइम देना जरूरी है। इसलिए बच्चे अब रात के समय में पढ़ाई करने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।

----------------------

हम अभी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कोचिंग जाने और आने में पैसे भी बहुत खर्च होते थे और समय भी बहुत खराब होता था। ऑनलाइन क्लास से यह मुश्किल दूर हो गयी है। ऐसे ही हम ऑनलाइन क्लास में आने के पहले पूछे जाने वाले सवालों को तैयार कर लेते हैं। फिर आराम से सारे सवालों के जवाब तैयार करते हैं।

- आदित्य, कंकड़बाग ऑनलाइन क्लास के बाद प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने में बहुत सुविधा मिलती है। हम अपनी तरफ से पूरी तैयारी करके ऑनलाइन क्लास में आते हैं। यहां पढ़ाई करने के लिए हम अपने समय के अनुसार आते हैं। जिससे अपने बाकी काम भी बाधित नहीं होते। पढ़ाई भी हम अपनी इच्छा के अनुसार कर सकते हैं।

- अभिषेक, पटेल नगर

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस