पटना । बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास कॉरपोरेशन (बुडको) की कार्य संस्कृति की पोल उनकी बेवसाइट ही खोल रही है। अगस्त में नगर निगम के आयुक्त पद से इस्तीफा देने वाले अनुपम कुमार सुमन अब भी बुडको के निदेशक मंडल में शामिल हैं। अनुपम सुमन भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी रहे लेकिन बुडको उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बता रहा है।

बुडको के एक दशक के कार्यकाल में आठवें प्रबंध निदेशक रहे अमरेंद्र सिंह को मंगलवार को सरकार ने हटा दिया है। इनके साथ ही नगर विकास विभाग के सचिव चैतन्य प्रसाद की भी विदाई हो चुकी है लेकिन बुडको के वेबसाइट पर ये अधिकारी निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में दिख रहे हैं। नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार पांडेय को अब तक वेबसाइट पर निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में जगह नहीं मिल सकी है।

बुडको की स्थापना 2009 में हुई थी। इसके निदेशक मंडल में विकास आयुक्त सुभाष शर्मा अध्यक्ष, पथ निर्माण विभाग के सचिव अमृत लाल मीणा, नगर विकास विभाग के सचिव चैतन्य प्रसाद शामिल हैं। वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस. सिद्धार्थ, भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव विनय कुमार, नगर निगम के आयुक्त के रूप में अनुपम कुमार सुमन का नाम और तस्वीर अब भी वेबसाइट पर सुलभ है। -- कौन कितने दिनों तक एमडी --

बुडको का कार्यकाल एक दशक के कार्यकाल में भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय वन सेवा, भारतीय राजस्व सेवा और भारतीय पोस्टल एंड टेलीकॉम्युनिकेशन सेवा के अधिकारी को बतौर प्रबंध निदेशक आजमाया गया है। एक ऐसे एमडी भी आए जिनका कैडर क्या है किसी को पता नहीं चला। बीते 10 वर्षो में आठ प्रबंध निदेशक आए लेकिन अनुपम कुमार सुमन और अमरेंद्र सिंह ही सबसे ज्यादा समय तक टिक सके। पांच एमडी तो अपनी सेवा की वर्षगांठ भी नहीं मना सके। अनुपम और अमरेंद्र ने तीन वर्षो से अधिक सेवा दी।

Posted By: Jagran

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