यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंजीनियर हत्याकांड : एसटीएफ ने बनाई 26 शूटर्स की लिस्ट, तीन दबोचे गए
दरभंगा में बीते शनिवार को एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो इंजीनियरों की हत्या से राज्य में सनसनी फैल गई है। ...और पढ़ें

पटना। दरभंगा में बीते शनिवार को एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो इंजीनियरों की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड से राज्य में सनसनी फैल गई है। पुलिस भी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है।
हत्याकांड के अनुसंधान के क्रम में एसटरीएफ ने 26 शूटर की लिस्ट बनाई है, जिनमें तीन दबोचे जा चुके हैं। एसटीएफ के पास सभी शूटर्स की पूरी हिस्ट्री व तस्वीर है। पकड़े गए शूटर ने भी मुंह खोलना शुरू कर दिया है।
कुख्यातों के पास शूटर्स की फौज
जेल में बंद कुख्यात संतोष झा के गैंग की कमान जब से मुकेश पाठक के हाथ में आई, उसने शूटरों की फौज खड़ी कर दी। दरभंगा में दिनदहाड़े कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो इंजीनियरों हत्या में शामिल बदमाशों की तलाश में जुटी एसटीएफ के हत्थे गैंग के तीन शूटर चढ़े। उनसे मिली जानकारी के आधार पर इसका खुलासा हुआ है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार एसटीएफ ने 26 शूटर्स की जो लिस्ट बनाई है, उनमें संतोष और मुकेश पाठक के छह शार्प शूटर शामिल हैं। एसटीएफ अब पूरे गैंग को ध्वस्त करने की तैयारी में है। शार्प शूटरों की गिरफ्तारी के लिए अलग टीम बनाकर पांच जिले की घेराबंदी की गई है।
पूरे गैंग को दबोचने की योजना
एसटीएफ सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और शिवहर में छापेमारी कर रही है। अब तक पुलिस पांच शूटर को एसटीएफ दबोच चुकी है। इनमें कुछ ऐसे भी बदमाश हैं, जो पहले नक्सली थे। बाद में मुकेश पाठक के साथ काम करने लगे। इन पर उत्तर बिहार के कई थानों में केस दर्ज है।
उत्तर बिहार में ही छिपे है अपराधी
पुलिस के हत्थे चढ़े लोगों से पूछताछ में साफ हुआ है कि इंजीनियर हत्याकांड में शामिल बदमाश उत्तर बिहार में छिपे है। नाम और पता के साथ कुछ शूटरों के ठिकानों और उनके करीबियों के यहां लगातार दबिश दी जा रही है। घेराबंदी ऐसी की गई है कि कोई भी बच ने दूसरे राज्य में न जा सके।
इन जिलों की हुई घेराबंदी
गैंग का नेटवर्क पूरे उत्तर बिहार में है। वर्ष 2006 के बाद इस गैंग में अब तक चार दर्जन से अधिक लोग शामिल हो चुके हैं। इस गैंग का नेटवर्क उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, गोपालगंज, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर में फैला है।
लोकल पुलिस को भनक नहीं
गैंग में शूटरों के अलावा कई बदमाश संतोष झा और मुकेश पाठक के दूर के रिश्तेदार हैं या फिर करीबी हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा गैंग के सभी सदस्यों को दबोचने के फिराक में है एसटीएफ। जिन शूटरों के नाम एसटीएफ के हाथ लगे है, इसकी भनक लोकल पुलिस को भी नहीं है।
बोले एसटीएफ के एसपी
'बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। निशाने पर कई बदमाश है। जल्द ही सभी की गिरफ्तारी होगी। कई अहम सुराग मिले है।'
- शिवदीप लांडे (एसपी, एसटीएफ)
