राज्य ब्यूरो, पटना: स्मार्ट मीटर शहर के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। आलम यह है कि बिजली कंपनी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बिजली बिल में मनमाना शुल्क वसूल रही है। जब शिकायत के लिए 1912 काल सेंटर पर फोन किया जाएगा तो वहां भी समस्या समाधान नहीं हो पाएगा। कंपनी ने कुछ उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर के खाते में सितंबर महीने में कुछ रकम भेजी। जानकारी लेने पर उपभोक्ताओं को बताया गया कि यह रकम तीन फीसद छूट और सब्सिडी मद में जारी की गई है। लेकिन महीना बीतते-बीतते ऐसे उपभोक्ताओं के खाते में जमा रकम की कटौती कर हजारों रुपये का माइनस बिल थमाया जा रहा है। जागरण तक ऐसी दर्जनों शिकायतें आई हैं। 

एक उपभोक्ता ने बताया उनके खाते में 19 अक्टूबर को 462 रुपये थे जो 21 अक्टूबर को माइनस 2563 रुपये हो गए। इसी प्रकार एक अन्य उपभोक्ता की बिजली इस वजह से काट दी गई कि उनका बैलेंस माइनस 1050 रुपये हो गया था। जबकि उपभोक्ता के मुताबिक उनके खाते में दो सौ रुपये से अधिक शेष थे और अचानक 1050 रुपये माइनस का बिल भेजा गया और बत्ती काट दी गई। उपभोक्ताओं के मुताबिक अचानक बिजली बिल की शिकायत के लिए जब स्मार्ट मीटर कंपनी के काल सेंटर 1912 पर फोन किया जा रहा है तो रिकार्ड संदेश बजाकर बताया जाता है आप प्रतीक्षा में हैं। मगर आपके प्रतीक्षा की यह घड़ी समाप्त नहीं होगी। दो-तीन या पांच मिनट कौन कहे। घंटे भर भी आप लाइन में रहेंगे तो आपको बार-बार सुनाया जाएगा कि आप कतार में हैं। यदि हमारे कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव से बात नहीं हो रही है तो आप ई-मेल के जरिए भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बहरहाल यह हकीकत है जिसका जवाब देने के लिए बिजली कंपनी में किसी अधिकारी का फोन नहीं उठता है। उपभोक्ता परेशान हैं कि समस्या समाधान के लिए आखिर किसका दरवाजा खटखटाएं। 

Edited By: Akshay Pandey