पटना, जेएनएन। विश्व व भारत के कई शहरों की तरह अब बिहार की सड़कों पर भी इलेक्ट्रिक कारें चलेंगी। ये कारें बिहार पहुंच चुकी हैं। गुरुवार को सीएम नीतीश कुमार ने इस पर सवारी की। इसके साथ ही इसका विधिवत उद्घाटन हो गया। प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की सोच के साथ परिवहन विभाग ने इलेक्ट्रिक कार की शुरुआत की है। 
राज्‍य सरकार देगी रोड टैक्‍स में 50% की छूट
परिवहन विभाग मंत्री संतोष कुमार निराला ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण मुक्त शहर की सोच के साथ पटना में इलेक्ट्रिक कार शुरू की गई है। इलेक्ट्रिक कार पर राज्य सरकार रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देगी। वहीं परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिस रफ्तार से प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है, वैसी स्थिति में पटना में भी इलेक्ट्रिक कार की जरूरत महूसस की जा रही है। इसी के तहत इलेक्ट्रिक कार की शुरुआत पटना में की गई है। अब शहर के लोग इलेक्ट्रिक कार खरीद कर आसानी से सफर कर सकेंगे। 
शुरुआती दौर में छह कारें ली जाएंगी लीज पर
शुरुआती दौर में परिवहन विभाग उर्जा मंत्रालय की कंपनी एनर्जी इफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (इइएसएल) से छह इलेक्ट्रिक कार लीज पर लेगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार इलेक्ट्रिक कार की खरीद अन्य विभागों में भी की जाएगी। सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर हरे रंग के नंबर प्लेट होंगे। यह नंबर प्लेट पर्यावरण सुरक्षा का प्रतीक होगा। 
डीजल-पेट्रोल से काफी सस्‍ती
उधर परिवहन सचिव संजय कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रिक कार की परिचालन लागत डीजल और पेट्रोल से काफी सस्ती है। मात्र 80 पैसे प्रति किलोमीटर के खर्च पर यात्रा कर सकेंगे। एक बार चार्ज कराने के बाद 142 किलोमीटर की यात्रा कर सकते हैं। डीसी (डायरेक्ट करेंट) के माध्यम से चार्ज करने पर मात्र 50 मिनट में फुल चार्ज हो जाएगा, जबकि ऐसी (अल्टरनेटिव करेंट) से चार्ज करने पर अधिकतम समय 4-5 घंटे का समय लगेगा। इसकी रफ्तार अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की है। 
शहर में सरकार लगाएगी चार्जिंग स्‍टेशन
इलेक्ट्रिक कार के लिए शहर के महत्वपूर्ण इलाकों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये जाएंगे। चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए जगह चिह्नित किये जा रहे हैं। चार्जिंग के लिए दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे। चाहे तो सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन पर जाकर वाहन चार्ज करा सकेंगे या अपने घर में भी मोबाइल की तरह इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज कर सकते हैं। प्रथम चरण में मुख्य सचिवालय, विश्वेश्‍वरैया भवन के सरकारी वाहन हेतु चार्जिंग स्टेशन लगाए जायेंगे।
ध्‍वनि प्रदूषण नहीं के बराबर
इलेक्ट्रिक वाहन की सबसे बड़ी बात है कि इसमें ध्वनि प्रदूषण नहीं के बराबर होता है। जब यह गाड़ी चलती है तो गाड़ी की आवाज बिल्कुल नहीं है। साथ ही वायु प्रदूषण के मामले में भी यह किसी भी प्रकार के प्रदूषण को बढ़ावा नहीं देता है। परिवहन विभाग रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देगा यानी यदि 10 लाख की गाड़ी है तो 50 हजार से अधिक की कर की छूट परिवहन विभाग इलेक्ट्रिक वाहन पर देगा।
इलेक्ट्रिक कार के फायदे

  • वायु व ध्वनि प्रदूषण शून्य 
  • ईंधन की बचत
  • कम लागत में अधिक दूरी की यात्रा
  • पर्यावरण के अनुकूल
  • ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी
  • एसी चलाने पर भी वाहन के पावर में कोई कमी नहीं
  • स्मूथ स्पीड
  • बैट्ररी बदलने की जरूरत नहीं

 इलेक्ट्रिक कार की विशेषता

  • वायु प्रदूषण - शून्य उत्सर्जन
  • ध्वनि प्रदूषण- आवज रहित
  • विद्युत खपत - एक यूनिट पर 9 किलोमीटर
  • एसी चार्जिंग - 4.30 घंटे
  • डीसी चार्जिंग- 45 मिनट 
  • अधिकतम गति- 120 किलोमीटर प्रति घंटा
  • फुल चार्जिंग से माइलेज- 142 किलोमीटर प्रति घंटा
  • रनिंग खर्च- प्रति किलोमीटर 80 पैसा
  • ट्रांसमिशन- आॅटोमेटिक गेयर
  • बैटरी- 16.2 किलोवाट/72वोल्ट
  • वाहन का रख रखाव- शून्य मेंटेनेंस
  • बैटरी का जीवन काल- 10-12 वर्ष
  • एसी- पूर्णतः आॅटोमेटिक एसी

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