पटना, जागरण टीम। Rawan Vadh: विजयादशमी के मौके पर पटना सहि‍त बिहार के अलग-अलग हिस्‍सों में आज रावण वध का आयोजन होगा। कोविड संक्रमण के कारण प्राय: हर जगह कार्यक्रम को इस बार सीमित कर दिया गया है। पिछले साल तो सरकार से अनुमति नहीं मिलने के कारण रावण वध का कार्यक्रम आयोजित ही नहीं किया गया था। पटना में पहली बार रावण का पुतला दहन गांधी मैदान से बाहर होगा। शहर में 1955 से ही लगातार यह आयोजन होता रहा है। गांधी मैदान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री और राज्‍यपाल सहित अन्‍य गण्‍यमान्‍य लोग भी शामिल होते रहे हैं। इस बार गांधी मैदान की बजाय कालिदास रंगालय में रावण और कुंभकर्ण का छोटा पुतला जलाया जाएगा। इसके साथ ही कोरोना का भी पुतला जलाए जाने की तैयारी की जा रही है। इस कार्यक्रम में आम लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हालांकि लोगों की सुविधा के लिए इसका प्रसारण इंटरनेट माध्‍यमों पर लाइव किए जाने की तैयारी है।

पहली बार आया था एक हजार रुपए खर्च

पटना में रावण वध कार्यक्रम का आयोजन देश के विभाजन के बाद पाकिस्‍तान वाले हिस्‍से से आए लोगों ने शुरू किया था। पहली बार 1955 में गांधी मैदान में ही रावण वध कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। तब करीब एक हजार रुपए समिति की ओर से खर्च किए गए थे। वक्‍त के साथ गांधी मैदान में जलाए जाने वाले पुतले का आकार और इसमें होने वाला खर्च भी बढ़ता चला गया।

लालू यादव के पैर में आ गई थी मोच

एक बार तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री लालू यादव को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। मुख्‍यमंत्री गांधी मैदान में पहुंचकर कार्यक्रम स्‍थल का जायजा रहे थे। इसी बीच उनके पैर में मोच आ गई। वह थोड़ी ही देर के बाद कार्यक्रम स्‍थल से लौट गए थे। इससे पहले उन्‍होंने आयोजन स्‍थल पर तैनात अधिकारियों को काफी फटकार लगाई थी और आगे से सभी इंतजाम बिल्‍कुल दुरुस्‍त रखने की नसीहत दी थी।