पटना[दीनानाथ साहनी]। कौशल युवा कार्यक्रम में इस साल निजी क्षेत्र के सहयोग से राज्य के सभी 38 जिलों में ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे। इसका प्रावधान राज्य सरकार नए बजट में करने जा रही है। इसके लिए 22 करोड़ रुपये बजट का प्रस्ताव है। ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर खोलने में निजी क्षेत्र के अलावा केंद्र सरकार से भी मदद ली जाएगी। ड्राइवर की ट्रेनिंग के लिए अभ्यर्थियों की न्यूनतम योग्यता 10वीं उत्तीर्ण होगी।

हर सेंटर अत्यावश्यक सुविधाओं से होगा लैस

देश-विदेश में ट्रेंड ड्राइवर की मांग को देखते हुए केंद्र की मदद से राज्य सरकार ने इस साल प्रत्येक जिले में अत्यावश्यक सुविधाओं से लैस ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। इससे पहले केंद्र सरकार की मदद से छपरा जिले में वृहत पैमाने पर ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोला गया है। एक अधिकारी ने बताया कि जहां ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट आकार में काफी बड़े और सर्वसुविधा संपन्न होते हैं। वहीं ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटरों का आकार अपेक्षाकृत छोटा और अत्यावश्यक सुविधाओं वाला होगा। ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना पूरी तरह निजी क्षेत्र के निवेश पर आधारित है। वहीं ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए सरकार की ओर से वित्तीय मदद दी जाएगी।

ट्रस्ट या संस्था भी खोल सकेगा ट्रेनिंग सेंटर

कोई भी व्यक्ति, संस्था या ट्रस्ट जिसके पास जमीन के अलावा एक-डेढ़ करोड़ रुपये की पूंजी हो, सेंटर खोल सकता है। उसे निवेश की आधी रकम (अधिकतम एक करोड़ रुपये) की मदद सरकार की ओर से दी जाएगी। ट्रेनिंग सेंटर में ऑटोमोबाइल कंपनियों या ट्रांसपोर्ट संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।

By Jagran