पटना । अगले वित्तीय वर्ष से शिक्षा का बजट बढ़ेगा। इससे शैक्षणिक संस्थानों का अनुदान (ग्रांट) भी बढ़ेगा। इससे सभी का विकास होगा। अभी शिक्षा का बजट 36 हजार करोड़ का है। ये बातें उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहीं। वे चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान पटना (सीआइएमपी) में उद्योग विभाग के सहयोग से सीआइएमपी, आइसीएआइ एवं आइसीएसआइ की स्टार्टअप संवर्धन वर्कशाप को संबोधित कर रहे थे।

: राज्य के स्टार्ट-अप बदलते बिहार के वाहक :

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्टार्ट-अप बदलते बिहार के वाहक हैं। वर्कशाप के आयोजन से राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए मर्चेट बैंकर, सीए, सीएस सहित तकनीकी वक्ताओं के प्रशिक्षण और तकनीकी बारीकियों के संबंध में मार्गदर्शन से बिहार के स्टार्ट-अप को नया कलेवर एवं आयाम मिलेगा।

इससे पूर्व स्वागत भाषण में सीआइएमपी के निदेशक डा. वी मुकुंद दास ने संस्थान के इनक्यूबेशन सेंटर 'सिबिल' के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। सिबिल द्वारा नए स्टार्टअप्स को स्केल-अप के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।

उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार ने विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। उद्योग विभाग के निदेशक तकनीकी पंकज दीक्षित ने स्टार्टअप पालिसी के बारे में कहा कि स्टार्टअप की स्केलिग के लिए हो रही वर्कशाप से इन्हें आगे बढ़ने में बहुत मदद मिलेगी।

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: आइपीओ लांच की तकनीक से अवगत हुए नव उद्यमी :

वर्कशाप के वक्ता अहमदाबाद के जीएमआर कैपिटल एडवाइजर्स के देवदत्त नायक ने स्टार्टअप को आइपीओ लांच करने की तकनीक के बारे में बताया। वहीं, मुंबई से मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर दिव्या मोमाया ने आइपीओ लांचिग में आने वाले कंप्लायंसेज के बारे में सभी स्टार्टअप को बताया। अहमदाबाद से आए स्टार्टअप कंपनी मैपबुक के सीए अभिषेक जैन ने स्टार्टअप की आइपीओ लांचिग के दौरान होने वाले अनुभव को साझा किया। कार्यक्रम में सीआइएमपी से मेंटरिग किए गए बेहतर कार्य करने वाले तीन स्टार्टअप को उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद ने सम्मानित किया।

Edited By: Jagran