style="padding: 0px; margin: 0px 0px 30px; font-size: 18px; line-height: 35px; color: rgb(27, 27, 27); font-family: 'Ek Mukta', Arial, sans-serif; font-style: normal; font-variant: normal; font-weight: normal; letter-spacing: normal; orphans: auto; text-align: justify; text-indent: 0px; text-transform: none; white-space: normal; widows: 1; word-spacing: 0px; -webkit-text-stroke-width: 0px; background-color: rgb(255, 255, 255);"> पटना [राज्य ब्यूरो]। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिजनों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लालू प्रसाद व उनके परिजनों पर एक बार फिर शिकंजा कसते हुए मंगलवार को पटना के बेली रोड स्थित निर्माणाधीन मॉल की तीन एकड़ जमीन को जब्त कर लिया है। हालांकि इस जमीन को ईडी ने पिछले साल 9 दिसंबर को ही अंतरिम रूप से जब्त कर लिया था। लेकिन मंगलवार को ईडी की टीम ने यहां इसकी जब्ती का नोटिस चस्पा कर दिया है।

बता दें कि यह वही जमीन है जिसे लेकर लालू प्रसाद के खिलाफ सीबीआइ, आयकर विभाग और ईडी ने अलग-अलग केस दर्ज कर रखा है। यह जमीन कभी मशहूर होटल व्यवसायी विनय कोचर व विजय कोचर की थी। जिसे कोचर बंधुओं ने राजद के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता की कंपनी डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को मात्र 65 लाख रुपये में दे दी थी। बाद में सरला गुप्ता की कंपनी डिलाइट मार्केटिंग ने इस जमीन को लालू प्रसाद के परिजनों की कंपनी लारा प्रोजेक्ट लिमिटेड के नाम लिख दी।

फिलहाल यह जमीन लालू प्रसाद की पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके दोनों बेटों तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव के नाम पर है। ईडी सूत्रों की मानें तो इस जमीन पर लालू प्रसाद के दोनों बेटे तेजप्रताप और तेजस्वी 750 करोड़ रुपये की लागत से बिहार के सबसे बड़े मॉल का निर्माण करा रहे थे। लालू प्रसाद पर रेलवे के रांची और पुरी स्थित दो हेरिटेज होटलों को विजय कोचर व विनय कोचर को लंबी लीज पर दिए जाने के एवज में बेली रोड पर तीन एकड़ लेने का आरोप लगा था। जिसके बाद ईडी ने विगत 9 दिसंबर को अंतरिम रूप से जब्त कर लिया था। अब कोर्ट का फैसला इस जमीन के टुकड़े की किस्मत का फैसला करेगा।

बन रहा था सूबे का बड़ा मॉल
बेली रोड स्थित यह जमीन पूर्व सीएम राबड़ी देवी, उनके बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव और छोटे पुत्र तेजस्वी यादव के नाम पर है। जमीन पर बिहार का सबसे बड़ा मॉल बन रहा था। इस जमीन का सर्किल रेट 44.7 करोड़ रुपए है। लेकिन इसे लालू यादव की कंपनी लारा प्रोजेक्ट ने वर्ष 2005-06 में महज 65 लाख रुपए में खरीदी थी।

ज्ञात हो कि मॉल की जमीन के बारे में सबसे पहले बीजेपी नेता और बिहार के वर्तमान डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने किया था। तब उन्होंने इस जमीन पर मॉल बनने का काम शुरू होते ही इसकी मिट्टी 90 लाख रुपए में बिहार सरकार के पर्यावरण और वन विभाग को बेचने का आरोप लगाया था। इस मामले में ईडी तेजस्वी और राबड़ी से पूछताछ कर चुकी है।

Posted By: Ravi Ranjan

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