बिहार में पितृपक्ष और त्योहारों में बढ़ेगा ट्रेनों का परिचालन, विक्रमशिला-कटोरिया के बीच बनेगा नया रेल पुल
पूर्व मध्य रेल ने पितृपक्ष मेला और आगामी त्योहारों के लिए बिहार में यात्रियों की भीड़ प्रबंधन हेतु व्यापक तैयारी ...और पढ़ें

मोकामा रेल पुल से बढ़ेगी परिचालन क्षमता
HighLights
पितृपक्ष और त्योहारों के लिए पूर्व मध्य रेल चलाएगा स्पेशल ट्रेनें।
प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों हेतु होल्डिंग एरिया और मेडिकल बूथ।
विक्रमशिला-कटारिया के बीच नया रेल पुल निर्माण की योजना।
जागरण संवाददाता, पटना। पितृपक्ष मेला और आगामी त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेल ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। बिहार आने और त्योहारों के बाद वापस लौटने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।
प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। यहां यात्रियों के लिए पीने के पानी, मेडिकल बूथ और ट्रेनों की जानकारी देने के लिए उद्घोषणा समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने सोमवार को हाजीपुर स्थित मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रमुख स्टेशनों पर वार रूम बनाए जाएंगे, जहां से 24 घंटे यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों के परिचालन की निगरानी होगी।
पितृपक्ष में स्पेशल ट्रेनें, स्टेशनों पर बढ़ेगी निगरानी
पितृपक्ष मेला के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बिहार आने की संभावना है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए जरूरत के अनुसार स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।
प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। यात्रियों को ट्रेन से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के लिए उद्घोषणा व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी।
होल्डिंग एरिया में पानी और मेडिकल बूथ की सुविधा
प्रमुख स्टेशनों पर बनाए जाने वाले होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए पेयजल और मेडिकल बूथ की व्यवस्था रहेगी। भीड़ बढ़ने की स्थिति में यात्रियों को नियंत्रित तरीके से प्लेटफार्म तक भेजने की व्यवस्था की जाएगी। वार रूम से स्टेशन और ट्रेनों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
मोकामा रेल पुल से बढ़ेगी परिचालन क्षमता
महाप्रबंधक ने बताया कि मोकामा में गंगा नदी पर नवनिर्मित रेल पुल को जल्द परिचालन में लाने की तैयारी है। पुल को चालू करने की प्रक्रिया के तहत रविवार से नान-इंटरलाकिंग (एनआइ) कार्य शुरू हो गया है, जो चार अक्टूबर तक चलेगा।
पुल के परिचालन में आने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल परिचालन के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे ट्रेनों के परिचालन में सुविधा होगी और रेल यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
विक्रमशिला-कटोरिया के बीच बनेगा नया रेल पुल
भागलपुर के पास विक्रमशिला और कटरिया के बीच गंगा नदी पर एक और नए रेल पुल का निर्माण प्रस्तावित है। अगस्त 2024 में 2171.34 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना को अगस्त 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुल के निर्माण से क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
डीडीयू-झाझा के बीच 400 किमी में बढ़ेगा रेल नेटवर्क
पूर्व मध्य रेल क्षेत्र में रेल ढांचे को मजबूत करने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा के बीच करीब 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण प्रस्तावित है। डीडीयू से किऊल तक तीसरी और चौथी लाइन तथा किऊल से झाझा तक तीसरी लाइन बनाई जानी है।
परियोजना को डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा खंडों में बांटा गया है। अलग-अलग चरणों में काम पूरा होने के बाद इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ेगी।
अमृत भारत योजना से 97 स्टेशनों का पुनर्विकास
महाप्रबंधक ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्व मध्य रेल के 97 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। चंदौली मझवार, दौरम मधेपुरा, बनमनखी, गोमो और कतरासगढ़ स्टेशनों का काम लगभग पूरा हो चुका है।
सलौना, सुपौल और लक्खीसराय समेत अन्य स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य को नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों को स्टेशनों पर बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
