पटना में मखाना से बनेगी मां दुर्गा की 9 फीट ऊंची प्रतिमा, 9 दिनों में लगेंगे 56 प्रकार के भोग
पटना के कंकड़बाग में मां विंध्यवासिनी क्लब द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा में मखाने से बनी 9 फीट की मां दुर्गा की प्रतिमा मुख्य आकर्षण होगी।

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
मखाने से बनी 9 फीट की दुर्गा प्रतिमा मुख्य आकर्षण।
मां को प्रतिदिन 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग।
भव्य पंडाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महाभंडारे का आयोजन।
जागरण संवाददाता, पटना। दुर्गापूजा को लेकर पूजा पंडालों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। कारीगर दिन रात कार्य को पूरा करने में लगे हैं।
कंकड़बाग की पीसी कॉलोनी स्थित एफ सेक्टर में मां विंध्यवासिनी क्लब पूजा समिति की ओर से 15 फीट ऊंची मिट्टी की प्रतिमा के साथ मखाने से बनी 9 फीट की मां दुर्गा की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी।
56 भोगों का इंतजाम
मां को अर्पित किए जाने वाले भोग में भी खास परंपरा देखने को मिलेगी। कलश स्थापना के दिन 21 व्यंजनों से शुरू होने वाला भोग दूसरे से चौथे दिन 28 प्रकार का और पंचमी से नवमी तक 56 प्रकार के व्यंजनों का होगा।
विशाल पंडाल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और महाभंडारे के बीच नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
भव्य पंडाल की व्यवस्था
मां की प्रतिमाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है। मुख्य पंडाल 30 फीट चौड़ा और लगभग 50 फीट लंबा होगा।
इससे सटाकर 150 फीट चौड़ा और 35 फीट लंबा एक अन्य पंडाल भी बनाया जा रहा है। पंडाल, मंच और रोशनी की सजावट की जिम्मेदारी मधुपुर-आसनसोल के मनीष कुमार को सौंपी गई है।
बिहार के मजदूरों की देखरेख में निर्माण कार्य चल रहा है। गुरुद्वारा गली के मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं।
मां दुर्गा की प्रतिमाओं के अलावा 13 फीट ऊंची मां लक्ष्मी की प्रतिमा, मां सरस्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाएं तथा दो विशाल राक्षसों की प्रतिमाएं भी तैयार की जा रही हैं।
पूजा आयोजन पर 15 से 18 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसकी व्यवस्था श्रद्धालुओं के आपसी सहयोग और चंदे से की जाती है।
क्लब की स्थापना के बाद वर्ष 2009 से यहां दुर्गापूजा का आयोजन हो रहा है। हर साल की तरह इस बार भी भव्य सजावट और धार्मिक आयोजनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
हर दिन लगेगा मां को व्यंजनों का भोग
पूजा में मां को अर्पित किए जाने वाले भोग की विशेष परंपरा है। कलश स्थापना के दिन संध्या आरती से पहले 21 व्यंजनों का भोग मां को लगाया गया। पंचमी से नवमी तक मां को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगेगा। प्रतिदिन भोग के व्यंजनों की संख्या बढ़ना यहां की पूजा की खास पहचान है।
धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पूजा का आकर्षण बढ़ाएंगे। 19 अक्टूबर यानी नवमी की रात मध्य प्रदेश के चर्चित कलाकार मंजीत तिवारी और सुजीत तिवारी माता के जागरण की प्रस्तुति देंगे। भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु माता की आराधना करेंगे।
सप्तमी से दशमी तक महाभंडारा
पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए महाभंडारे का आयोजन भी होगा। सप्तमी को हलवा-पूरी, अष्टमी को खिचड़ी और नवमी को खीर-पूरी का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
दशमी को मां की विदाई से पहले पूरी, सब्जी और बूंदी का महाभंडारा होगा। आयोजन समिति के अनुसार, मां की विदाई 20 अक्टूबर को होगी।
पूजा समिति के सदस्य
| नाम | पद |
|---|---|
| शिवेश सिन्हा | अध्यक्ष |
| मनीष आनंद | महासचिव |
| डा. नीतीश कुमार | संयोजक |
| विनोद चौबे | संयोजक |
| मोनल पराग | कोषाध्यक्ष |
| अमिताभ सिंह | संयुक्त सचिव |
| पंकज बरनवाल | संयुक्त सचिव |
| विकास सिंह | संयुक्त सचिव |
| भुवन मोहन | उपाध्यक्ष |
