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दलीप ट्रॉफी में बिहार का डंका: वैभव का रिकॉर्ड, ईशान का दोहरा शतक और मुकेश-अनुकूल के दम पर पूर्वी क्षेत्र चैंपियन

Published: Thu, 10 Sep 2026 06:19 PM (IST)

Duleep Trophy: पूर्वी क्षेत्र ने 14 साल बाद दलीप ट्रॉफी जीती, जिसमें बिहार के खिलाड़ियों ईशान किशन, वैभव सूर्यवंशी, मुकेश ...और पढ़ें

14 साल बाद दलीप ट्रॉफी जीती(फोटो- PTI)

14 साल बाद दलीप ट्रॉफी जीती(फोटो- PTI)

HighLights

  1. पूर्वी क्षेत्र ने 14 साल बाद दलीप ट्रॉफी जीती।

  2. ईशान किशन ने फाइनल में 270 रनों की शानदार पारी खेली।

  3. वैभव सूर्यवंशी ने 57 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त किया।

अक्षय पांडेय, पटना। Duleep Trophy: दिग्गजों से सजे दलीप ट्रॉफी के मंच पर इस बार बिहार के क्रिकेटरों की चमक सबसे तेज रही। पूर्वी क्षेत्र से खेलते हुए प्रदेश के लाल अपनी प्रतिभा का ऐसा डंका बजाया कि अच्छे-अच्छों के पसीने छूट गए। गुरुवार को चेन्नई के एम चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में पूर्वी क्षेत्र ने ड्रा मुकाबले में पहली पारी में बढ़त के आधार पर तिलक वर्मा की अगुआई वाले दक्षिण क्षेत्र को पराजित कर 14 वर्ष बाद तीसरी बार ट्राफी जीत ली।

समस्तीपुर के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 57 साल पुराना रिकार्ड ध्वस्त किया। राजधानी के कप्तान ईशान किशन की 270 रनों की मैराथन पारी और मुकेश कुमार की घातक गेंदबाजी विरोधियों के लिए काल साबित हुई। हरफनमौला अनुकूल राय ने भी दिखा दिया है कि राज्य का युवा किसी से कम नहीं हैं।

दलीप ट्राफी में इस बार राजधानी के कप्तान ईशान किशन ने तीन मुकाबलों की पांच पारियों में एक दोहरे शतक और एक अर्धशतक की मदद से सबसे अधिक 405 रन बनाए।

वैभव सूर्यवंशी ने तीन मैचों की पांच पारियों में एक अर्धशतक की मदद से 184 रन बनाए। गेंदबाजी में दो विकेट भी लिए।

हरफनमौला अनुकूल राय ने तीन मैचों की पांच पारियों में 162 रन बनाए। सात बल्लेबाजों को भी पवेलियन भेजा। गोपालगंज के मुकेश कुमार ने तीन मुकाबलों की पांच पारियों में 12 विकेट लिए।

कप्तान ईशान ने दोहरा शतक जड़ रखी जीत की नींव

पटना के रहने वाले ईशान किशन ने न सिर्फ कप्तानी में अपना धैर्य दिखाया, बल्कि बल्ले और विकेट के पीछे भी कमाल का प्रदर्शन किया।

खिताबी मुकाबले में प्लेयर आफ द मैच ईशान का बल्ला जमकर गरजा। उन्होंने 30 चौकों और सात गगनचुंबी छक्कों की मदद से 270 रनों की विशाल पारी खेल डाली।

इसी मैच की दूसरी पारी में भी उनका जलवा कायम रहा और महज 98 गेंदों पर नौ चौके और तीन छक्कों के दम पर 80 रन ठोक दिए।

इससे पहले, सेंट्रल जोन के खिलाफ जब विकेट लगातार गिर रहे थे, तब उन्होंने दूसरी पारी में नाबाद 39 रन बनाकर टीम को संकट से निकाला था (पहली पारी में 16 रन बनाए थे)।

नार्थ जोन के खिलाफ पहले मैच में बल्ले से (4 रन) नाकाम रहने के बाद भी ईशान ने विकेट के पीछे चीते सी फुर्ती दिखाते हुए चार कैच लपके और दो शानदार स्टंपिंग कर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी।

समस्तीपुर के लाल वैभव ने रचा इतिहास

टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा सुर्खियां समस्तीपुर के उभरते हुए सितारे वैभव सूर्यवंशी ने बटोरी हैं। सेंट्रल जोन के खिलाफ दूसरे मुकाबले में इस युवा खिलाड़ी ने 92 रनों की ऐसी तूफानी पारी खेली कि रिकार्ड बुक के पन्ने पलट गए।

इस बेहतरीन पारी के साथ ही वैभव ने 57 साल पुराना रिकार्ड ध्वस्त कर दिया। महज 15 साल 157 दिन की उम्र में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने 1969 में लक्ष्मण सिंह (16 साल 23 दिन) के कीर्तिमान को चकनाचूर कर दिया।

इसी मैच की दूसरी पारी में भी उन्होंने 40 रनों का अहम योगदान दिया। इससे पूर्व, नार्थ जोन के खिलाफ पहले मैच की पहली पारी में वह बल्ले से (8 रन) भले ही कमाल न कर पाए हों, लेकिन गेंदबाजी में सिर्फ 11 रन देकर दो कीमती विकेट झटके थे।

तीसरे मैच में भी वैभव ने पहली पारी में एक छक्के और पांच चौकों की मदद से 44 रन जोड़े, जबकि दूसरी पारी में 16 गेंदों का सामना कर आठ रन बनाए।

मुकेश कुमार की तेज गेंदों ने बरपाया कहर

गेंदबाजी में रोमांच तब और बढ़ गया जब गेंद ''गोपालगंज एक्सप्रेस'' के नाम से मशहूर तेज गेंदबाज मुकेश कुमार के हाथों में आई।

सेंट्रल जोन के खिलाफ दूसरे मुकाबले में मुकेश ने घातक गेंदबाजी करते हुए मैच में कुल सात विकेट (पहली पारी में तीन, दूसरी में चार) अपने नाम किए और विपक्षी टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। पहले मैच में भी उन्होंने दोनों पारियों में एक-एक विकेट झटका था।

तीसरे मैच में भी मुकेश की रफ्तार का कहर जारी रहा और उन्होंने तीन बल्लेबाजों को पवेलियन का मार्ग दिखाया, जिसमें भारतीय टीम के सदस्य रह चुके देवदत्त पडिक्कल और सलामी बल्लेबाज रिकी भुई का बहुमूल्य विकेट शामिल था।

अनुकूल राय का हरफनमौला खेल

समस्तीपुर के स्पिनर और हरफनमौला खिलाड़ी अनुकूल राय ने टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई है। नार्थ जोन के खिलाफ पहले मैच में जब टीम को रनों की दरकार थी, तो उन्होंने 37 रन बनाए और गेंदबाजी में अपनी फिरकी का जादू चलाते हुए मात्र 37 रन देकर पांच बल्लेबाजों को चलता किया।

सेंट्रल जोन के खिलाफ भी अनुकूल ने 16 रन बनाने के साथ-साथ एक विकेट हासिल कर टीम की नींव मजबूत की। खिताबी मुकाबले में भी उनका शानदार खेल जारी रहा, जहां उन्होंने पहली पारी में 45 रनों की उपयोगी पारी खेली और दूसरी पारी में अर्धशतक (65) जड़ दिया।

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