पटना, जेएनएन। राजधानी में बेखौफ हो चुके अपराधियों ने शनिवार की देर रात एक और बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। गोविंद मित्रा रोड में दवा दुकान के मालिक शैलेंद्र कुमार उर्फ राजू मेहता (43) की आलमगंज थाना क्षेत्र में गुलजारबाग के पास गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम दे हत्यारे पैदल ही फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई। मामले में रविवार को सुबह तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है।

दो पर स्वजनों को शक, पुलिस कर रही तलाश

एएसपी मनीष कुमार ने बताया कि स्वजनों ने दो लोगों पर शक जताया है, जिनसे भूमि विवाद चल रहा है। उनकी तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार, शैलेंद्र कुमार की गोविंद मित्र रोड में जानवरों की दवा की थोक दुकान है। वे रोज की तरह शनिवार की रात लगभग नौ बजे दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। तभी गुलजारबाग में लक्ष्मी नर्सिग होम के पास अपराधियों ने उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही वे जमीन पर गिर पड़े। सूचना पर पहुंचे स्वजन उन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में लेकर गए, जहां से शैलेंद्र को एनएमसीएच (नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) रेफर कर दिया। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने शैलेंद्र को मृत घोषित कर दिया।

फोन पर नहीं बताई थी गोली लगने की बात

गुलजारबाग नर्सिग होम के पास शनिवार की देर रात गोली लगने के बाद दवा कारोबारी शैलेंद्र कुमार उर्फ राजू मेहता ने मोबाइल से मां को कॉल कर घटनास्थल पर बुलाया। उन्होंने मां से गोली मारे जाने की बात नहीं कही थी। सिर्फ इतना कहा कि उनकी तबीयत खराब हो गई है, जल्दी पहुंचे।

राहगीरों ने नहीं की मदद

स्वजन जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने शैलेंद्र को जमीन पर पड़ा हुआ देखा। बगल में उनकी बाइक गिरी थी। सीने से खून निकल रहा था। राहगीर आ-जा रहे थे, लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की। परिवारवाले उन्हें नजदीकी अस्पताल में लेकर गए, जहां से एनएमसीएच रेफर कर दिया गया। वहां जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पैदल ही भाग गए बदमाश

स्वजनों ने बताया कि गोविंद मित्रा रोड की दुकान बंद करने के बाद शैलेंद्र बाइक से गुलजारबाग सब्जीमंडी पहुंचे। वहां से घर के लिए सामान लिया और फिर बाइक स्टार्ट कर आगे के लिए बढ़े। पुलिस ने घटनास्थल पर छानबीन की तो एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि दो बदमाश काफी देर से यहां खड़े थे। उसने उन्हें गोली मारते तो नहीं देखा, लेकिन गोली चलने की आवाज सुनी थी। चंद मिनट बाद दोनों बदमाश पैदल लिंक रोड की तरफ गए और हवाई फायरिंग करते हुए बाइक से भाग निकले। ऐसा माना जा रहा है कि वारदात से पहले बदमाशों ने अच्छी तरह रेकी की होगी। उन्हें मालूम था कि शैलेंद्र कितने बजे और किस रास्ते से घर लौटते हैं। वे मुफीद जगह चुनकर इंतजार में बैठे थे। शैलेंद्र अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।

 

Posted By: Akshay Pandey

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