पटना । जमुई के जिलाधिकारी धर्मेद्र कुमार का पारिवारिक विवाद सुलझने के बजाय चर्चा का विषय बनता जा रहा है। पत्नी वत्सला सिंह से मनमुटाव और अलगाव का अब तक कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। डीएम साहब को पत्नी का इंग्लिश बोलना और मॉडर्न व्यवहार पसंद नहीं है। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे पत्नी की तरफ देखना तो दूर, बात तक नहीं करना चाहते। वत्सला अपनी मां पुष्पा सिंह और बहन के साथ बुधवार को सुबह से रात तक जमुई स्थित उनके सरकारी आवास के बाहर बैठी रहीं पर वह झांकने तक नहीं आए। न ही वत्सला की कॉल रिसीव की। हालांकि डीएम ने मातहतों के जरिए यह संदेश भिजवाया है कि वह जल्द पत्नी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वत्सला परिवार वालों के साथ पटना लौट आई।

: 11 मार्च 2015 को हुई थी शादी :

पाटलिपुत्र निवासी विनय सिंह की बेटी वत्सला सिंह की शादी 11 मार्च 2015 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) के अधिकारी धर्मेद्र कुमार से हुई थी। धर्मेद्र का घर पटना के बाईपास इलाके में है। शादी के वक्त धर्मेद्र मसूरी में ट्रेनिंग ले रहे थे। वत्सला ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान वह पति से मिलती-जुलती रहती थी। दिसंबर, 2015 में धर्मेद्र बगहा के एसडीएम बने। तब वह वहीं पति के साथ रहने लगीं। हालांकि धर्मेद्र उन्हें साथ रखने के पक्ष में नहीं थे। अक्सर कहते थे कि यह जंगल-झाड़ वाली जगह तुम्हारे लायक नहीं है।

: शुरुआत से ही देते रहे मानसिक प्रताड़ना :

धर्मेद्र ने शुरुआत में खुलकर कभी किसी बात का विरोध नहीं किया, लेकिन बोली और रहन-सहन को लेकर हमेशा कटाक्ष कर मानसिक प्रताड़ना देते थे। कहते थे, तुम इंग्लिश बोलती हो। मॉर्डन कपड़े पहनती हो। मुझे ये सब पसंद नहीं। वहीं, वत्सला का दावा है कि परिवार और बाहरी लोगों के साथ उसका बात-व्यवहार कभी खराब नहीं रहा। वह मॉडर्न कपड़े नहीं पहनती थी। पति ने कभी कोई ठोस या तार्किक वजह नहीं बताई।

: डीएम बनते ही बदल गया स्वभाव :

धर्मेद्र, एसडीएम के बाद जब डीएम बने तो उनका स्वभाव बिल्कुल बदल गया। उन्होंने पत्नी वत्सला को ससुराल (डीएम के माता-पिता के घर) पहुंचा दिया। फोन पर बातें बंद कर दीं। वाट्सएप पर ब्लॉक कर दिया। एसएमएस देखने के बाद भी जवाब नहीं देने लगे। इस बारे में वत्सला ने पिता को बताया। वह दामाद से मिलने जमुई गए, लेकिन उन्होंने बदसलूकी की और घर से भगा दिया। सास-ससुर भी फोन पर आवाज सुनते ही काट देते हैं।

: बहन की शादी के बाद कोर्ट में दी तलाक की अर्जी :

दिसंबर 2017 में धर्मेद्र की बहन की शादी थी। वत्सला की मानें तो उस वक्त भी रिश्ते ठीक नहीं थे। उन्होंने ननद की शादी में एक बहू का पूरा फर्ज अदा किया। खरीदारी से लेकर मेहमानों की सेवा तक जिम्मेदारी समझकर की। बावजूद इसके जिलाधिकारी ने बिना किसी पूर्व सूचना के 11 मार्च को कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर कर दी। तलाक का नोटिस आने के बाद वत्सला ने उसी महीने पाटलिपुत्र थाने में प्रताड़ना की प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद वह समझौता कराने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग और पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों से मिलती रही। वरीय अधिकारियों के कहने पर पटना के सिटी एसपी (मध्य) अमरकेश दारपीनोनी को मध्यस्थता कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वत्सला के मुताबिक, मध्यस्थता कराने की बजाय सिटी एसपी उन्हीं का निरादर करते रहे। चूंकि वह धर्मेद्र के बैचमेट थे, इसलिए उन्होंने वत्सला की बात ही नहीं सुनी और एकपक्षीय दबाव बनाते रहे।

: समन जारी होने के बाद पहुंचे जिलाधिकारी :

राष्ट्रीय महिला आयोग में धर्मेद्र और वत्सला के मामले की सुनवाई कर रहीं तत्कालीन सदस्य व भाजपा नेत्री सुषमा साहू ने बताया कि तीन बार नोटिस देने के बावजूद जिलाधिकारी उपस्थित नहीं हुए। चौथी बार समन जारी होने के बाद वह दिल्ली आए। साहू की मानें तो वत्सला काफी रो रही थी। उन्होंने जिलाधिकारी को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह मानने के लिए तैयार नहीं हुए। हर बार बस यही कहते कि मैं कोर्ट में देख लूंगा।

Edited By: Jagran