IPS की नौकरी मिली, फिर भी नहीं छोड़ा IAS बनने का सपना; दिव्या शक्ति अब पटना में संभालेंगी उत्पाद आयुक्त की जिम्मेदारी
IAS Divya Shakti UPSC Success Story: 2022 बैच की IAS अधिकारी दिव्या शक्ति को पटना में मद्य निषेध, उत्पाद एवं ...और पढ़ें

IAS अधिकारी दिव्या शक्ति
HighLights
दिव्या शक्ति को पटना में उत्पाद आयुक्त की नई जिम्मेदारी।
UPSC में IPS के बाद दोबारा प्रयास कर IAS बनीं।
उनकी यात्रा UPSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ी प्रेरणा का स्रोत।
डिजिटल डेस्क, पटना। IAS Divya Shakti UPSC Success Story: बिहार की 2022 बैच की IAS अधिकारी दिव्या शक्ति एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह उनकी नई जिम्मेदारी है। हालिया तबादले के बाद उन्हें पटना में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में उत्पाद आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले वह कैमूर में DDC-सह-CEO के पद पर तैनात थीं।
लेकिन दिव्या शक्ति की पहचान सिर्फ एक IAS अधिकारी के तौर पर नहीं है। उनकी UPSC यात्रा उन अभ्यर्थियों के लिए खास है, जो पहली सफलता के बाद भी अपने बड़े लक्ष्य के लिए दोबारा प्रयास करने का साहस रखते हैं।
पहली कोशिश में ही UPSC क्रैक, 79वीं रैंक से मिली IPS सेवा
दिव्या शक्ति ने वर्ष 2019 में पहली बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी थी। यह उनका पहला प्रयास था और इसी प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया 79वीं रैंक हासिल कर ली।
इस रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS के लिए हुआ। आमतौर पर पहली कोशिश में IPS जैसी सेवा हासिल करना बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, लेकिन दिव्या शक्ति ने इसे अपने अंतिम लक्ष्य के रूप में नहीं देखा।
IPS मिल चुकी थी, फिर भी दोबारा परीक्षा में बैठीं
IPS सेवा मिलने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण शुरू किया, लेकिन उनके मन में IAS बनने का लक्ष्य बना रहा। उन्होंने तैयारी जारी रखी और दोबारा UPSC सिविल सेवा परीक्षा देने का फैसला किया।
यह फैसला इसलिए भी खास था क्योंकि पहली कोशिश में ही उन्हें एक प्रतिष्ठित सेवा मिल चुकी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर समझौता नहीं किया और दूसरी बार परीक्षा में शामिल हुईं।
दूसरी कोशिश में 58वीं रैंक, ऐसे पूरा हुआ IAS बनने का सपना
दूसरे प्रयास में दिव्या शक्ति ने अपनी पिछली सफलता को और आगे बढ़ाया। उन्होंने 58वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की और इस बार IAS सेवा के लिए चयनित हुईं।
इस तरह उनकी UPSC कहानी सिर्फ परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताती है कि सफलता मिलने के बाद भी यदि लक्ष्य अलग हो तो दोबारा प्रयास किया जा सकता है।
BITS Pilani से पढ़ाई, अमेरिका में भी किया काम
दिव्या शक्ति का शैक्षणिक बैकग्राउंड भी काफी मजबूत है। उन्होंने BITS Pilani से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने अर्थशास्त्र में MSc की पढ़ाई भी की।
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने करीब दो साल तक अमेरिका की एक कंपनी में काम किया। कॉरपोरेट करियर के बाद उन्होंने सिविल सेवा को अपना करियर बनाने का फैसला किया और UPSC की तैयारी शुरू की।
दानापुर से कैमूर तक संभाली जिम्मेदारी, अब पटना में नई भूमिका
IAS बनने के बाद दिव्या शक्ति ने बिहार में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह दानापुर में SDM के पद पर भी काम कर चुकी हैं। इसके बाद कैमूर में DDC-सह-CEO की जिम्मेदारी संभाली।
अब उन्हें पटना में उत्पाद आयुक्त की जिम्मेदारी मिली है। यह पद बिहार सरकार की शराबबंदी नीति और मद्य निषेध से जुड़े प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
अब शराबबंदी से जुड़े मामलों की निगरानी, नई जिम्मेदारी बड़ी चुनौती
उत्पाद आयुक्त के तौर पर दिव्या शक्ति की भूमिका बिहार की मद्य निषेध और उत्पाद व्यवस्था में महत्वपूर्ण होगी। उन्हें शराबबंदी से जुड़े प्रशासनिक मामलों की निगरानी और विभागीय कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
एक महिला IAS अधिकारी को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के मिलने को भी खास नजरिए से देखा जा रहा है। अब उनकी प्रशासनिक क्षमता के साथ-साथ उनके फैसलों पर भी नजर रहेगी।
UPSC अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी सीख- पहली सफलता अंतिम मंजिल नहीं
दिव्या शक्ति की कहानी UPSC की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने पहली ही कोशिश में सफलता हासिल करने के बावजूद अपने बड़े लक्ष्य को नहीं छोड़ा।
79वीं रैंक से IPS बनने के बाद दोबारा परीक्षा देकर 58वीं रैंक हासिल करना दिखाता है कि करियर में मिली पहली उपलब्धि के बाद भी व्यक्ति अपने लक्ष्य को नए सिरे से चुन सकता है। उनकी कहानी मेहनत के साथ लक्ष्य स्पष्ट रखने और सफलता के बाद भी आगे बढ़ने का संदेश देती है।
