पटना [अमित आलोक]। बिहार में विपक्षी महागठबंधन (Grand Alliance) में बिखराव तय है। साथ ही राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बेटे तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) की अगले विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में महागठबंधन के मुख्‍यमंत्री चेहरे (CM Face) के रूप में स्‍वीकार्यता पर प्रश्‍नचिह्न लग गया है। ऐसा हम नहीं, महागठबंधन के नेता ही कह रहे हैं।

आगामी 21 अक्‍टूबर को राज्‍य में लोकसभा की एक व विधानसभा की पांच सीटों पर उपचुनाव (By Election) के लिए प्रत्‍याशियों की घोषणा के साथ यह घमासान चरम पर पहुंच गया है। इसमें आरजेडी किसी समझौते के मूड में नहीं दिख रहा है।

सीटों पर दावेदारी के साथ शुरू हुई तकरार

विदित हो कि बिहार में उपचुनाव के लिए महागठबंधन के घटक दल सीटों पर दावेदारी कर रहे हैं। इसी बीच आरजेडी ने बिना महागठबंधन की बैठक बुलाए उपचुनाव के लिए अपने उम्‍मीदवार घोषित कर दिए। इससे सहयोगी दल भड़क गए। हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) व विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने भी क्रमश: नाथनगर व सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा सीट पर अपने उम्‍मीदवार भी घोषित कर दिए। इसके बाद बुधवार शाम कांग्रेस (Congress) ने सभी पांचों सीटों पर अपने उम्‍मीदवार देने की घोषणा कर दी।

कांग्रेस ने तेजस्‍वी यादव के महागठबंधन की ड्राइविंग सीट पर होने को लेकर भी सवाल खड़े किए। गुरुवार को 'हम' सुप्रीमो जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने भी कहा कि तेजस्‍वी महागबठबंधन के नेता नहीं हैं।

मांझी बोले: तेजस्‍वी यादव महागठबंधन के नेता नहीं

आरजेडी के खिलाफ अपने उम्‍मीदवार घोषित करने के एक दिन बाद 'हम' सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने कहा कि तेजस्‍वी यादव महागठबंधन के नहीं, आरजेडी ने नेता हैं। उनका महागठबंधन के नेता के रूप में चुनाव महागठबंधन की बैठक में ही हो सकता है। मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी नाथनगर सीट पर पहले से दावेदारी कर रही थी, लेकिन आरजेडी ने मनमानी की है। कांग्रेस ने भी सभी सीटों पर उम्‍मीदवार दे दिए हैं। इस तरह गठबंधन (Alliance) नहीं चलता है। उन्‍होंने कांग्रेस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह भी महागठबंधन के वरीय नेताओं से विमर्श किए बिना अपने चुनावी फैसले ले रही है।

तेजस्‍वी पर एनडीए से नजदीकी का लगाया आरोप

मांझी ने महागठबंधन में तेजस्‍वी की स्‍वीकार्यता पर भी सवाल खड़े कर दिए। कहा कि वे भले ही अपनी पार्टी के चुनावी चेहरे हो सकते हैं, लेकिन महागठबंधन का नेता महागठबंधन की बैठक में तय होगा। मांझी इतने पर ही नहीं रुके। उन्‍होंने कहा कि तेजस्‍वी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) होकर भी विधान सभा के पिछले सत्र (Assembly Session) से दूर रहे। एक दिन के लिए आए भी तो कुछ बोले नहीं। इससे ऐसा लगता है कि उनकी राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से नजदीकियां हैं।

मुख्‍यमंत्री चेहरा को ले मुकेश सहनी ने भी उठाए सवाल

'वीआइपी' सुप्रीमो मुकेश सहनी (Mukesh Sahni) ने भी तेजस्‍वी के मुख्‍यमंत्री चेहरा होने पर सवाल खड़ा कर दिया। उन्‍होंने कहा कि महागठबंधन किसी एक व्‍यक्ति को नेता बनाने के लिए नहीं बना है। इस संबंध में कोई फैसला महागठबंधन में शामिल सभी दल मिलकर करेंगे।

कांग्रेस का दावा: बिहार में भी ड्राइविंग सीट पर रहेगी पार्टी

'हम' व 'वीआइपी' की नाराजगी के केंद्र में आए कांग्रेस ने भी आरजेडी के नेतृत्‍व पर सवाल खड़ा कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्‍ता प्रेमचंद मिश्रा (Prem Chandra Mishra) ने आरजेडी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि गठबंधन विश्‍वास व भरोसे से चलता है, न कि मनमानी से। कांग्रेस चुनाव समिति के प्रदेश सचिव वीरेंद्र सिंह राठौड़ (Virendra Singh Rathod) ने भी कहा कि इस देश में धर्मनिरपेक्ष (Secular) विचारधारा को हमेशा से कांग्रेस नेतृत्‍व देती रही है। बिहार में भी कांग्रेस ही महागठबंधन की ड्राइविंग सीट पर है और आगे भी रहेगी। तेजस्‍वी यादव के मुख्‍यमंत्री चेहरा पर सवाल खड़ा करते हुए उन्‍होंने भी कहा कि कांग्रेस ने कुछ दिनों के लिए दूसरे को ड्राइविंग सीट पर बैठाया था। राठौड़ ने कहा कि पार्टी की बैठक में गठबंधन (Alliance) पर भी चर्चा हुई है। हालांकि, इसपर अंतिम फैसला आलाकमान को करना है।

आरजेडी ने भी दिया जवाब, झुकने को तैयार नहीं पार्टी

कांग्रेस, 'हम' व 'वीआइपी' जो भी कहें, आरजेडी झुकने को तैयार नहीं है। कांग्रेस क जवाब देते हुए आरजेडी सांसद मनोज झा (Manoj Jha) कहते हैं कि ड्राइविंग सीट पर अवाम रखती है। आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) ने घटक दलों पर तंज कसा और जीतनराम मांझी को नसीहत देते हुए कहा कि वे इस उम्र में तेजस्वी यादव से कंपीटिशन नहीं करें। मांझी की नाथनगर सीट की दावेदारी पर शिवानंद ने तंज कसा कि अपने इलाके गया में तो जीत नहीं सके, चले आए हैं नाथनगर। शिवानंद तिवारी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। कहा कि वे कांग्रेस युक्त भारत चाहते हैं। अब इस गठबंधन पर कांग्रेस आलाकमान ही सही फैसला लेंगे।

गत लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के छोटे दलों का जनाधार देख चुका राजद अब उन्‍हें खास तवज्‍जो देने के मूड में नहीं दिख रहा। आरजेडी उपाध्‍यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) कहते हैं कि छोटी पार्टियों का आरजेडी में विलय करने से विपक्ष मजबूत होगा। एेसा करने से सीटों के बंटवारे का झंझट भी खत्म हो जाएगा।

गहराता नजर आ रहा महागठबंधन का संकट

जो भी हो, बिहार में उपचुनाव अगर आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल है तो महागठबंधन में संकट गहराता नजर आ रहा है। झगड़ा केवल सीटों का नहीं, मुख्‍यमंत्री चेहरे का भी है।

Posted By: Amit Alok

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