पटना [राज्य ब्यूरो]। 28 मई को जोकीहाट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जदयू ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कई मंत्री एवं पूर्व मंत्री वहां कैंप कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 24 मई को वहां एक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। यह सीट जदयू के कब्जे में थी, और इसे फिर से हासिल करने को पार्टी पूरे प्रयास कर रही है।

पूर्व मंत्री मंजर आलम का जोकीहाट में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़ा होना जदयू के लिए परेशानी का कारण था, मगर पार्टी उन्हें अपने पक्ष में करने में कामयाब हो गई है। मंजर आलम जदयू के वरिष्ठ नेता हैं, और टिकट नहीं मिलने से नाराज थे।

जदयू ने जोकीहाट में मुर्शीद आलम को अपना प्रत्याशी बनाया है। इनका सीधा मुकाबला राजद के शाहनवाज आलम से है, जो पूर्व केंद्रीय मंत्री मो. तस्लीमुद्दीन के पुत्र हैं। मो. तस्लीमुद्दीन के निधन के कारण रिक्त हुई अररिया लोकसभा सीट से पिछले दिनों उनके दूसरे पुत्र सरफराज आलम राजद के टिकट पर जीते हैं। सरफराज आलम पहले जदयू में थे, और जोकीहाट से विधायक थे।

जदयू प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने के लिए जदयू से जुड़े राज्य सरकार के कई मंत्री वहां कैंप कर रहे हैं। इनमें ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार, एससी एसटी कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी शामिल हैं। पूर्व मंत्री दुलालचंद गोस्वामी, डा. अशोक चौधरी, लेसी सिंह के अलावा युवा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष अभय कुशवाहा, विधान पार्षद रणवीर नंदन, पूर्व एमएलसी रूदल राय आदि भी मुर्शीद आलम के पक्ष में प्रचार करने में लगे हैं।

जोकीहाट उपचुनाव जदयू के लिए बहुत अहम है। महागठबंधन से नाता तोडऩे के पश्चात यह दूसरा मौका है जब पार्टी जनता का सामना कर रही है। पिछले दिनों जहानाबाद में हुए उपचुनाव में जदयू को हार का सामना करना पड़ा था। जोकीहाट सीट पर अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अधिक है। यह उपचुनाव अल्पसंख्यकों का जदयू के प्रति रुख भी साफ कर देगा। जोकीहाट, अररिया लोकसभा क्षेत्र में पडऩे वाली छह विधानसभा सीटों में से एक है। चार विधानसभा सीटें पर अभी राजग का कब्जा है जबकि एक कांग्रेस के पास है। 

Posted By: Ravi Ranjan

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