दीपंकर भट्टाचार्य ने SIR पर EC से पूछे 5 सवाल, बोले- जवाब तो देना ही होगा; PM मोदी पर भी निशाना
भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ...और पढ़ें

दीपंकर भट्टाचार्य का चुनाव आयोग पर तीखा हमला। फाइल
HighLights
दीपंकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल।
बिहार में 17% मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे जाने का आरोप।
आयोग से पांच सवालों के जवाब मांगते हुए जवाबदेही तय करने की अपील।
राज्य ब्यूरो, पटना। भाकपा-माले (CPI-ML) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग (ECI) पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं।
एक अक्टूबर को चुनाव आयोग द्वारा सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव आयुक्तों के नाम पत्र जारी किया गया है जिसमें जिन लोगों के नाम एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची से बाहर है।
फर्स्ट टाइम वोटर हैं ,उनके नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। दीपंकर ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, और आयोग से पांच सवाल पूछा है।
'चुन-चुनकर किया गया मतदाता सूची से बाहर'
उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग चाहता है कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) एक महीने के भीतर उन मतदाताओं तक पहुंचें, जिन्हें वह छूटे हुए मतदाता बता रहा है।
लेकिन ये मतदाता छूटे हुए नहीं हैं। इनमें से ज्यादातर को जानबूझकर और चुन-चुनकर मतदाता सूची से बाहर किया गया है।
'17 प्रतिशत नाम गलत तरीके से काटे'
दीपंकर भट्टाचार्य ने पार्टी की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि हमने बिहार के कुछ चुनिंदा बूथों पर घर-घर जाकर सर्वे किया और पाया कि SIR के तहत कम से कम 17 प्रतिशत मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे गए हैं।
मतदाता सूची की 'सफाई' के नाम पर इस काले कारनामे को अंजाम देने का काम ज्ञानेश कुमार को सौंपा गया। अब जब इस जुर्म में ज्ञानेश कुमार की भूमिका पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है, तो क्या मोदी और शाह इस साजिश में अपनी मिलीभगत के लिए जवाबदेही से बच सकते हैं?
