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देवघर का प्रसाद हाथ में, जुबान पर एक ही बात... पटना में महिलाओं ने रिश्वतखोरी के खिलाफ क्यों छेड़ दिया अभियान?

Published: Mon, 28 Sep 2026 06:04 PM (IST)

मोकामा के सम्यागढ़ पंचायत में 1100 महिलाओं ने देवघर का प्रसाद हाथ में लेकर सरकारी योजनाओं, खासकर पीएम ग्रामीण आवास ...और पढ़ें

कमीशन की कोई गुंजाइश नहीं

कमीशन की कोई गुंजाइश नहीं

HighLights

  1. मोकामा की 1100 महिलाओं ने रिश्वतखोरी के खिलाफ शपथ ली।

  2. पीएम ग्रामीण आवास योजना में भ्रष्टाचार रोकने का संकल्प।

  3. देवघर का प्रसाद हाथ में लेकर सामूहिक अभियान की शुरुआत।

संवाद सूत्र, मोकामा(पटना)। मोकामा टाल क्षेत्र की सम्यागढ़ पंचायत में सोमवार को कुछ ऐसा हुआ, जिसने सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अलग मिसाल पेश की। पंचायत की 1100 महिलाओं ने हाथों में देवघर का प्रसाद लेकर एक साथ रिश्वत के खिलाफ संकल्प लिया।

मंच से एक स्वर में आवाज उठी, सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किसी को रिश्वत नहीं देंगे और न ही रिश्वतखोरी को स्वीकार करेंगे।

यह पहल खास तौर पर पीएम ग्रामीण आवास योजना को लेकर की गई है। पंचायत के पांच गांवों शोभाठीका, लक्ष्मीपुर, सम्यागढ़, मिल्की और केवटी की महिलाएं इस अभियान से जुड़ी हैं। आमसभा में पंचायत सचिव सुमित कुमार और आवास सहायक अनिल कुमार भी मौजूद रहे।

आवास योजना में अब ‘फूटी कौड़ी’ भी रिश्वत नहीं!

सम्यागढ़ पंचायत में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 1100 महिलाओं का लाभुक के तौर पर चयन हुआ है। योजना के तहत पात्र लाभुकों को घर बनाने के लिए किस्तों में कुल 1.47 लाख रुपये की सहायता राशि मिलती है।

आमसभा में महिलाओं ने साफ संदेश दिया कि सरकारी सहायता की रकम पाने के लिए किसी भी स्तर पर रिश्वत नहीं दी जाएगी। पंचायत स्तर पर शुरू हुई यह पहल अब सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक संकल्प के तौर पर सामने आई है।

मुखिया ने भी कहा- कमीशन की कोई गुंजाइश नहीं

इस पहल की अगुवाई पंचायत की मुखिया कुसुम देवी ने की। आमसभा में महिलाओं के सामूहिक संकल्प के साथ यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सरकारी योजनाओं का पैसा लाभुकों तक बिना अनावश्यक वसूली के पहुंचे।

पंचायत में पहले आवास योजना के लाभुकों से आर्थिक शोषण की शिकायतों का जिक्र भी किया गया। इसी पृष्ठभूमि में महिलाओं का यह सामूहिक संकल्प गरीब परिवारों के लिए खास महत्व रखता है, जो लंबे समय से पक्के घर के इंतजार में हैं।

पांच गांवों की महिलाओं ने मिलकर बदला माहौल

इस अभियान में पंचायत के पांच गांवों की महिलाएं शामिल हुईं। देवघर का प्रसाद हाथ में लेकर एक साथ लिया गया संकल्प इस आयोजन की सबसे खास तस्वीर रही। आमसभा में महिलाओं की संख्या और सामूहिक भागीदारी ने इसे सामान्य पंचायत बैठक से अलग बना दिया।

पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और लाभुकों को जागरूक करना बताया गया। संदेश यह भी रहा कि योजना का लाभ लेना अधिकार है और इसके बदले किसी तरह की अवैध रकम देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

सम्यागढ़ से बिहार की पंचायतों तक पहुंचाने का दावा

मुखिया कुसुम देवी ने कहा कि सम्यागढ़ पंचायत से भ्रष्टाचार के खिलाफ उठी आवाज को बिहार की दूसरी पंचायतों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। उनका कहना है कि यह पहल आने वाले समय में दूसरी पंचायतों के लिए भी उदाहरण बन सकती है।

आमसभा में उपमुखिया काजल देवी, मुखिया प्रतिनिधि मुरलीधर प्रसाद सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता बसंत महतो समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अब देखना यह होगा कि सम्यागढ़ में लिया गया यह सामूहिक संकल्प आवास योजना के क्रियान्वयन में जमीन पर कितना असर दिखाता है।