पटना, जागरण संवाददाता। पेट्रोल और डीजल की कीमत (Rate of Petrol and Diesel) में अचानक कमी करने से पंप मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। नवंबर 2021 के बाद मई माह में भी इसी तरह के कदम उठाए गए। इससे पेट्रोल पंप मालिकों को तीन से 20 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ। कुछ को इससे भी अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। इसकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए। इसके विरोध में 31 मई को देश भर में डीलर, कंपनियों से पेट्रोल व डीजल की खरीदारी नहीं करेंगे। उक्त बातें बुधवार को बिहार पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (Bihar Petroliam Dealers Association) के अध्यक्ष प्रभात कुमार सिंह ने कहीं। वे लोकनायक भवन स्थित आइओसी के कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठे पेट्रोल पंप मालिकों को संबोधित कर रहे थे। 

वृद्ध‍ि के अनुपात में की जाए कीमत में कमी 

प्रभात कुमार ने कहा कि अचानक एक्साइज ड्यूटी में कमी कर दस रुपये पेट्रोल-डीजल की कीमत घटा देने से पेट्रोल पंप मालिकों को लाखों का नुकसान हो जाता है। इससे कार्यशील पूंजी ही बर्बाद हो जाती है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 40 या 50 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि होती है। हमारी मांग है कि इसी अनुपात में कीमतें घटाई जाएं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी करने का हम विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि इसके तरीके का विरोध कर रहे हैं। महासचिव ब्रिजेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि पांच साल से डीलरों का कमीशन नहीं बढ़ाया गया है। करार के मुताबिक हर छह माह में कमीशन दर में संशोधन होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। कमीशन में शीघ्र वृद्धि होनी चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि आइओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के शीर्ष अधिकारियों को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा गया। आश्वासन मिला है कि मांगों पर विचार किया जाएगा। धरना में संजय कुमार, अनूप कुमार सहित बिहार के सभी जिलों के पेट्रोलियम डीलर शामिल हुए।

Edited By: Vyas Chandra