- 2000 बेड तीन दिनों में बढ़ाने का दिया गया निर्देश

- 320 बेड क्षमता के दो रेलवे कोच को संचालित करने को एसडीओ को सौंपा गया जिम्मा

जागरण संवाददाता, पटना : कोरोना के बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए पटना में आइसोलेशन सेंटर के बेडों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। तीन दिनों के अंदर क्षमता पांच हजार करने का निर्देश डीएम कुमार रवि ने संबंधित अधिकारियों को दिया है। वर्तमान में पटना में आइसोलेशन सेंटर में 2700 बेड क्षमता का दावा किया जा रहा है। क्षमता बढ़ाने के साथ ही बेली रोड में दो पेड सेंटर भी बनाए जाने पर सहमति बनी है। जिलाधिकारी कुमार रवि की अध्यक्षता में जिले के शीर्ष अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक के बाद डीएम ने बताया कि आइसोलेशन सेंटर की क्षमता बढ़ाने के साथ ही नए भवन भी चिन्हित किए जा रहे हैं। बाढ़, मसौढ़ी, पालीगंज, बिहटा एवं पटना सिटी में पूर्व से संचालित आइसोलेशन सेंटर की क्षमता तीन दिनों के अंदर 600 बेड बढ़ाई जाएगी। दीप नारायण प्रबंधन संस्थान शास्त्री नगर एवं दशरथ मांझी इंस्टीट्यूट के सेंटर को कार्यशील करने का भी निर्देश दिया गया है।

बताया गया कि 320 बेड की क्षमता वाले रेलवे के दो कोच आइसोलेशन सेंटर के रूप में संचालित होंगे। इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी सदर तनय सुल्तानिया को जिम्मेदारी दी गई है। तीन दिनों में 2000 बेड बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने बताया कि आइसोलेशन सेंटर में खानपान एवं साफ-सफाई सहित अन्य कार्यों की प्रभावी मॉनीटरिग के लिए टीम गठित कर पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों को भी प्रतिनियुक्त किया जाएगा। वर्तमान आइसोलेशन सेंटर और क्षमता :

एम्स : 175 बेड पीएमसीएच : 192 बेड एनएमसीएच : 447 बेड ईएसआइ बिहटा : 304 बेड बामेती बीएमपी : 84 बेड होटल पाटलिपुत्र अशोका : 85 बेड पाटलिपुत्र स्पो‌र्ट्स कॉम्प्लेक्स : 100 बेड सब डिविजनल हॉस्पिटल दानापुर : 24 बेड सब डिवीजनल हॉस्पिटल मसौढ़ी : 30 बेड सब डिवीजनल हॉस्पिटल बाढ़ : 30 बेड दीप नारायण इंस्टीट्यूट शेखपुरा : 244 बेड डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन एंड ट्रेनिग सेंटर मसौढ़ी : 250 बेड एनएसएमसीएच बिहटा : 235 बेड डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन एंड ट्रेनिग सेंटर बाढ़ : 250 बेड डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन एंड ट्रेनिग सेंटर बिक्रम : 250 बेड टेस्टिग की निगरानी के लिए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति : कोरोना से संबंधित टेस्टिग की सशक्त एवं प्रभावी निगरानी के लिए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश डीएम ने दिया है। बताया गया कि वर्तमान में चार प्रकार के व्यक्तियों का टेस्ट किया जा रहा है। कांटेक्ट में आने वाले लोगों का, कंटेनमेंट जोन में, कोरोना के लक्षण वाले व्यक्तियों का और हेल्थ वर्कर का। डीएम ने कहा कि सरकारी अधिकारियों, कर्मियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की जांच तभी होगी जब उनमें कोरोना के लक्षण दिखेंगे। बैठक में उप विकास आयुक्त रिची पांडेय, अपर समाहर्ता राजीव श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर चौधरी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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