पटना [जेएनएन]। कहते हैं पति-पत्‍नी का रिश्‍ता सात जन्‍मों का होता है, लेकिन राजधानी पटना में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इंसानियत और मानवता को शर्मसार कर रहा है। यहां मौत के तीन दिनों तक एक महिला की लाश घर में पड़ी रही, लेकिन सूचना मिलने के बावजूद पति नहीं आया। और तो और उसने अपना मोबाइल फोन तक बंद कर लिया। यह घटना एक संभ्रांत परिवार की है।

बिस्तर पर तड़पती, दर्द से कराहती मिली सरकार को देख सबकी आंखें भर जातीं थीं। ऐसी जिंदगी को देख सब उनकी मौत की ही कामना करते थे। यह सोचकर कि मिली को कष्टों से मुक्ति मिल जाएगी, पर किसी ने यह नहीं सोचा था कि मौत के बाद उनके शव का बुरा हश्र होगा।

दरअसल, यह कहानी है 50 वर्षीया मिली सरकार की, जो राजेंद्र नगर रोड नंबर दस के पीआरडी फ्लैट संख्या जेएफ1/4 में अकेली रहती थीं। उनकी मौत ने घर और समाज की भूमिका पर सवालिया निशान लगा दिया है। वह पत्नी थीं, मां थीं, लेकिन मौत के बाद उनकी लाश दो दिन तक घर के कमरे में पड़ी रही। जानते सब थे, पर अंतिम संस्कार करने कोई नहीं आया।

समाज के वे ठेकेदार भी नहीं जो दूसरों के बदले लड़ाई लडऩे का दावा ठोंकते हैं। तीसरे दिन पड़ोसी संवेदनशील हुए, तब बात थाने पहुंची। पुलिस के बुलावे पर उनकी दोनों बेटियां आईं, लेकिन उनके डॉक्टर पति नहीं पहुंचे, जिन्होंने सात फेरे लेते वक्त जन्म-जन्मांतर तक साथ निभाने का वादा किया था।

आयुर्वेदिक कॉलेज में डॉक्टर हैं पति

मिली सरकार के पति एके सरकार बिहार आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल में पैथोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने पत्नी को लगभग पांच साल पहले छोड़ दिया था और फुलवारीशरीफ में रहने लगे। दंपती को दो बेटियां दीपमाला और गीतमाला सरकार हैं।

दोनों पढ़ाई करने के लिए बाहर गईं थीं। वहीं शादी कर ली और पति के साथ दिल्ली में रहती हैं। एक बेटी बैंक में काम करती है। बेटियों ने मां की देखभाल का जिम्मा दाई पर छोड़ दिया था। हालांकि पड़ोसियों की मानें तो पति को कई बार आते-जाते देखा गया।

नौकरानी ने बताया, मर गईं मालकिन

पांच साल पहले मिली को डॉक्टरों ने एक गंभीर बीमारी बताई। करीब डेढ़ साल से वह बेडसोल से पीडि़त थीं। उठकर पानी तक नहीं ले सकती थीं। नित्य-क्रिया भी बिस्तर पर होती। नौकरानी सुबह में आती थी। वह देखभाल करती और खाना खिलाने के बाद घर चली जाती थी।

मंगलवार को नौकरानी काम पर आई तो मिली को मृत पाया। इसकी जानकारी उसने पड़ोसियों को दी। पड़ोसियों ने डॉक्टर को घटना के बारे में बताया। इसकी जानकारी नौकरानी के माध्यम से मिली की बेटियों को भी मिल गई थी।

पति ने कॉफिन में रखवा दी लाश

पत्नी की मौत की खबर मिलने के बावजूद डॉ. सरकार नहीं आए। उन्होंने प्रदीप नामक दोस्त को घर भेजा और मिली का शव कॉफिन में रखवा दिया। गुरुवार तक जब कोई उनके शव का अंतिम संस्कार करने नहीं आया, तब पड़ोसी संवेदनशील हुए। कदमकुआं थाने को सूचना दी।

थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि डॉ. सरकार को कॉल की गई थी, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। जानकारी मिलने के बाद देर शाम में उनकी दोनों बेटियों और दामाद पटना पहुंचे। शव उन्हें सौंप दिया गया। बेटियों ने बताया कि कोहरे की वजह से दो दिन तक उन्हें ट्रेन नहीं मिली।

Posted By: Ravi Ranjan

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